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देश में जल्दी ही GST की सिर्फ एक दर लागू होगी: जेटली

उन्होंने कहा कि अब व्यापक उपभोग की केवल दो वस्तुओं- सीमेंट और वाहन कुलपुर्जे पर ही 28 फीसदी का कर है. हमारी अगली प्राथमिकता सीमेंट को कम कर दर के दायरे में ले जाने की होगी.

Updated On: Dec 24, 2018 04:25 PM IST

FP Staff

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देश में जल्दी ही GST की सिर्फ एक दर लागू होगी: जेटली

देश में जल्दी ही जीएसटी की सिर्फ एक दर लागू हो सकती है. यह दर 12 से 18 फीसदी के बीच रहने का अनुमान है. फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने सोमवार को कहा कि टैक्स स्ट्रक्चर को आसान बनाने के लिए यह किया जा रहा है. सरकार इस तैयारी में है कि ज्यादातर चीजों को 28 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी की कैटेगरी में रखा जाए.

इससे पहले शनिवार को जीएसटी काउंसिल ने 22 वस्तुओं के रेट में कटौती की थी. फाइनेंस मिनिस्टर का कहना है कि टैक्स रेट में बढ़ोतरी के बाद जीएसटी की सिर्फ तीन दरें रहेंगी. इसमें 0 फीसदी और 5 फीसदी की दर के साथ सामान्य जरूरत की वस्तुओं पर एक मानक दर होगी जो 12 से 18 प्रतिशत के बीच होगी. जेटली ने कहा कि विलासिता और अहितकारी वस्तुओं को उच्च कर के दायरे में बनाए रखा जाएगा. जेटली का कहना है कि इस समय 12 फीसदी और 18 फीसदी की दो मानक दरें है. जो भविष्य में एक की जा सकती हैं.

वित्त मंत्री ने फेसबुक पर 'जीएसटी के 18 महीने' टॉपिक से लिखे एक लेख में कहा है कि इस समय उपयोग की कुल 1216 वस्तुओं में से 183 पर 0 फीसदी, 308 पर 5 फीसदी, 178 उत्पादों पर 12 फीसदी और 517 पर 18 फीसदी की दर से जीएसटी लगता है. उन्होंने कहा, '28 फीसदी का कर स्लैब अब खत्म हो रहा है.' वर्तमान में इसमें सिर्फ लग्जरी और अहितकारी उत्पादों के अलावा वाहनों के कलपुर्जे, एसी और सीमेंट समेत केवल 28 वस्तुएं ही बची हैं.

वित्त मंत्री ने कहा कि अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में , 'जीएसटी के रूप में परिवर्तन पूरा होने के साथ अब हम इसकी दरों को तर्कसंगत बनाने के पहले चरण को पूरा करने के करीब हैं. उदाहरण के लिए विलासिता और अहितकारी वस्तुओं को छोड़कर बाकी वस्तुएं को चरणबद्ध तरीके से 28 फीसदी के उच्चतम कर के दायरे से बाहर की जा रही है.' उन्होंने कहा कि इस समय 12 फीसदी और 18 फीसदी की दो मानक दरें है. जो भविष्य में एक की जा सकती हैं.

प्राथमिकता सीमेंट को कम कर के दायरे में ले जाने की

उन्होंने कहा कि अब व्यापक उपभोग की केवल दो वस्तुओं- सीमेंट और वाहन कुलपुर्जे पर ही 28 फीसदी का कर है. हमारी अगली प्राथमिकता सीमेंट को कम कर दर के दायरे में ले जाने की होगी. वित्त मंत्री ने कहा कि भवन निर्माण की अन्य सभी सामग्रियों को पहले ही 28 फीसदी से निकाल कर 18 फीसदी और 12 फीसदी के दायरे में रखा जा चुका है. जेटली ने कहा कि जीएसटी लागू होने से पहले अधिकतर वस्तुओं पर 31 फीसदी का कर लगता था. लोगों के पास केवल दो ही विकल्प थे, या तो ज्यादा कर का भुगतान करें या फिर कर चोरी करें. उन्होंने कहा कि उस समय काफी हद तक कर चोरी का बोलबाला था.

उन्होंने जीएसटी के मामले में सरकार के आलोचकों पर तंज कसते हुए किहा, 'जिन लोगों ने भारत को 31 फीसदी अप्रत्यक्ष कर के बोझ के नीचे दबा रखा था और जो जीएसटी का उपहास करते रहे हैं उन्हें अपने अंदर झांकना चाहिए.' उन्होंने यह भी लिखा है कि, 'गैर जिम्मेदाराना राजनीति और गैर जिम्मेदाराना अर्थ-नीति दोनों केवल रसातल में ही ले जाती हैं.'

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