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GDP डेटा पर जारी घमासान के बीच अरुण जेटली ने मौजूदा आंकड़ों को बताया ज्यादा सही

जेटली का कहना है कि नए मापदंडों पर जीडीपी डेटा की नई सीरीज की शुरुआत की गई, जिसमें यूपीए सरकार के आखिर दो साल भी इसमें शामिल हुए.

Updated On: Nov 29, 2018 02:50 PM IST

FP Staff

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GDP डेटा पर जारी घमासान के बीच अरुण जेटली ने मौजूदा आंकड़ों को बताया ज्यादा सही

जीडीपी आंकड़ों को लेकर जारी घमासान के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा है कि मौजूदा आंकड़े ज्यादा सही है. उन्होंने कहा कि जीडीपी को लेकर कांग्रेस के जरिए विरोधाभासी रवैया अपनाया जा रहा है.

जीडीपी आंकड़ों को लेकर कांग्रेस पर पलटवार करते हुए जेटली ने कहा 'केंद्रीय सांख्यिकी आयोग (सीएसओ) वित्त मंत्रालय से दूरी बनाए रखता है. जिस कारण इसकी अधिक विश्वसनीयता है. इसे अस्वीकार नहीं किया जाना चाहिए, इसका डेटा तथ्यों पर आधारित है.'

जेटली का कहना है कि नई मापदंडों पर जीडीपी डेटा की नए सीरीज की शुरुआत की गई, जिसमें यूपीए सरकार के आखिर दो साल भी इसमें शामिल हुए. जिसको लेकर उन्होंने कहा कि जीडीपी के ताजा आंकड़े पहले की तुलना में ज्यादा सही हैं. जेटली ने बताया कि सीएसओ के जरिए न्यू जीडीपी सीरीज के आधार पर 2004-05 से लेकर 2011-12 तक अपने रिविजन सार्वजनिक किए गए. फरवरी 2015 में नया फॉरमूलेशन किया गया था.जिस पर न्यू जीडीपी सीरीज की शुरुआत की गई थी.

ग्रोथ को बढ़ाया

जेटली का कहना है कि जीडीपी के आकलन के लिए विश्वस्तरीय नए मानदंडों को शामिल किया गया है. जीडीपी डेटा जुटाने का तरीका अब ग्लोबल स्टैंडर्ड पर आधारित है. जेटली ने बताया कि जब न्यू जीडीपी सीरीज लागू की गई थी तो यूपीए सरकार के आखिरी दो सालों को भी इसमें जोड़ा गया था. उस दौरान इसमें ग्रोथ को बढ़ाया गया था. जिसके चलते पिछली सरकार ने भी इसका स्वागत किया. हालांकि अब आंकड़ों को मापने के लिए दो मापदंड नहीं रखे जा सकते.

इससे पहले पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने पीएम मोदी और नीति आयोग पर हमला बोलते हुए कई ट्वीट किए थे. उन्होंने संशोधित जीडीपी आंकड़ों को मजाक करार दिया था.

किया गया था बदलाव

दरअसल, फरवरी 2015 में जीडीपी के आकलन की पद्धति में मोदी सरकार ने दो प्रमुख बदलावों की घोषणा की थी. इन बदलावों में जीडीपी आकलन का बेस इयर 2004-05 से बदलकर 2011-12 किया गया. इसके अलावा कीमतों को प्रभावित करने वाले कारकों की जगह बाजार मूल्यों को जीडीपी आकलन का आधार बनाया गया. नई सीरीज के तहत पहली बार वित्त वर्ष 2013-14 और 2014-15 की जीडीपी का आकलन किया गया.

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