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वोडाफोन टैक्स विवाद: मध्यस्थता अदालत याचिका पर फरवरी 2019 में करेगी सुनवाई

याचिका में वोडाफोन ने 2007 में हचिसन व्हामपोआ के साथ किए 11 अरब डॉलर के व्यापार सौदे को लेकर भारत सरकार द्वारा उसपर पूर्व की तिथि से लगाए गए 22,100 करोड़ रुपए टैक्स की मांग को चुनौती दी है

Updated On: May 20, 2018 06:05 PM IST

Bhasha

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वोडाफोन टैक्स विवाद: मध्यस्थता अदालत याचिका पर फरवरी 2019 में करेगी सुनवाई

टैक्स विवाद मामले में ब्रिटेन की टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत पहुंची है. अंतरराष्ट्रीय अदालत वोडाफोन की टैक्स याचिका पर अगले साल फरवरी में सुनवाई करेगा. याचिका में कंपनी ने भारत में उसपर पूर्व की तिथि से लगाए गए 22,100 करोड़ रुपए की कर मांग को चुनौती दी है.

मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सर फ्रैंकलीन बर्मन की अध्यक्षता वाली मध्यस्थता अदालत नीदरलैंड-भारत द्विपक्षीय निवेश संधि के तहत कर मामलों को लाए जाने पर सरकार की आपत्ति को सुनेगा. वोडाफोन ने उससे की गई कर मांग को इस संधि के तहत ही चुनौती दी है.

उन्होंने कहा कि भारत ने मध्यस्थता अदालत में कर से जुड़े ऐसे मामलों में निर्णय के अधिकार को भी चुनौती दी है.

अधिकारी ने कहा कि वोडाफोन जहां सरकार की आपत्ति पर जुलाई में जवाब देगी वहीं भारत इस पर दिसंबर तक जवाब देगा. उसके बाद न्यायाधिकरण फरवरी 2019 में मामले की सुनवाई करेगा.

वोडाफोन ने भारत में 2012 के कानून का उपयोग कर उससे की गई कर मांग को चुनौती दी है. यह कानून सरकार को वोडाफोन के हचिसन व्हामपोआ के मोबाइल फोन कारोबार का 2007 में 11 अरब डालर में अधिग्रहण करने के सौदे पर कर लगाने का अधिकार देता है.

कंपनी ने इस सौदे के तहत उस पर 7,990 करोड़ रुपए के पूंजी लाभ कर की मांग को चुनौती दी है. ब्याज और जुर्माना मिलाकर यह राशि 22,100 करोड़ रुपए होता है.

कर प्रशासन ने सितंबर 2007 में वोडाफोन इंटरनेशनल होल्डिंग्स बीवी को इस संबंध में नोटिस जारी किया था. कर प्रशासन ने वोडाफोन को यह नोटिस हचिसन टेलिकम्युनिकंशेस इंटरनेशनल लिमिटेड से उसकी संपत्तियों के अधिग्रहण का भुगतान करते समय स्रोत पर कर कटौती नहीं करने पर दिया.

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