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विधानसभा चुनावों में हार के बाद BJP कर सकती है Universal Basic Income पर बड़ा ऐलान

तीन प्रमुख हिंदी भाषी राज्यों में हार के बाद तनावग्रस्त बीजेपी औसत आय (Universal Basic Income) पर बड़ा ऐलान कर सकती है

Updated On: Dec 14, 2018 09:15 AM IST

FP Staff

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विधानसभा चुनावों में हार के बाद BJP कर सकती है Universal Basic Income पर बड़ा ऐलान

तीन प्रमुख हिंदी भाषी राज्यों में हार के बाद तनावग्रस्त बीजेपी औसत आय (Universal Basic Income) पर बड़ा ऐलान कर सकती है. न्यूज18 सूत्रों के अनुसार बीजेपी अपने अंतरिम बजट में इसका ऐलान करने पर विचार कर रही है. राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में हार का मुंह देखने के बाद अब बीजेपी सरकार आगामी अंतरिम बजट में गांवों, खेती किसानी के क्षेत्र में होने वाले खर्च पर अपना फोकस भी बढ़ा सकती है. अगले साल एक फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली अंतरिम बजट पेश करेंगे.

इसपर अधिकारियों ने कहा कि आगामी बजट में ग्रामीण गरीबों और कृषि संकट पर कुछ अहम फैसले लिए जा सकते हैं. एक अधिकारी ने कहा, 'सरकार लोगों को गरीबी से छुटकारा दिलाने के लिए औसत आय तय करने को लेकर बड़ा ऐलान कर सकती है. इसपर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है.'

राजस्थान में अपने चुनावी घोषणा पत्र में बीजेपी ने औसत आय बढ़ाने का वादा भी किया था. इसके लिए सरकार ने विभिन्न स्तरों पर काम करने का दावा किया था, जिससे आय में बढ़ोतरी की जा सके. पश्चिम में इस मुद्दे पर कई सालों तक चर्चा हुई. इसके बाद कनाडा और स्विटजरलैंड में इसे बतौर पायलट प्रोजेक्ट लागू भी किया गया. इस योजना की चर्चा चीफ इकॉनमिक एडवाइजर अरविंद सुब्रमण्यन ने भारत में प्रचलित किया.

पिछले सप्ताह न्यूज18 को दिए एक इंटरव्यू में अरविंद सुब्रमण्यन ने यूनिवर्सल बेसिक इनकम (Universal Basic Income -UBI) के सवाल पर कहा था, 'मेरी जम्मू और कश्मीर सरकार से इसपर बातचीत हुई. वह अविकसित UBI फॉलो कर रहे हैं. मेरी नीतीश कुमार से भी बातचीत हुई, जो इस विचार के प्रति बहुत उत्साहित हैं. मेरा मानना है कि केंद्र, राज्यों को खर्च करने की आजादी दे तो संभव है कि कुछ राज्य UBI फॉलो करेंगे.'

बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने यूबीआई पर कहा कि यह राजनीति रूप से गेम चेंजर हो सकता है. उन्होंने कहा, 'यह कहना गलत होगा कि हमने इन तीन राज्यों में अपने मूल मतदाताओं को खो दिया है. लेकिन यह निश्चित रूप से चिंतन करने का समय है. यूबीआई महत्वपूर्ण हो सकता है. यह विचार बहुत ही शक्तिशाली है. असल में इससे फर्क नहीं पड़ता की कोई कितना गरीब है. लेकिन आय की गारंटी से जरूर फर्क पड़ता है.'

(न्यूज18 के लिए अनिरुद्ध घोषाल की रिपोर्ट)

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