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बिना गांरटी और कम ब्याज पर चाहिए लोन तो ये अकाउंट है फायदे की चीज

कई मामलों में लोगों का लोन इसलिए पास नहीं हो पाता है क्योंकि उनके पास कोई गांरटी या बेस नहीं होता है. लेकिन अब इस समस्या से बचा जा सकता है.

Updated On: Sep 24, 2018 02:45 PM IST

FP Staff

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बिना गांरटी और कम ब्याज पर चाहिए लोन तो ये अकाउंट है फायदे की चीज

अक्सर लोगों को लोन की जरूरत रहती है. ऐसे में लोन लेने के लिए ज्यादातर लोग बैकों का विकल्प अपनाते हैं. हालांकि बैंको से लोन लेने के लिए कुछ कानूनी प्रक्रिया का भी सामना करना पड़ता है. वहीं अगर बैंकों से लोन लेना है तो इसके लिए बैंक में गांरटी के तौर पर भी कुछ मांगा जाता है. कई मामलों में लोगों का लोन इसलिए पास नहीं हो पाता है क्योंकि उनके पास कोई गांरटी या बेस नहीं होता है. लेकिन अब इस समस्या से बचा जा सकता है.

आपको लोन लेना है लेकिन आपके पास कोई गांरटी नहीं है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. आप इसके लिए अपने पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) को आधार बना सकते हैं. दरअसल, PPF एक फ्यूचर मॉडल है और इसका मैच्‍योरिटी पीरियड 15 साल है. ऐसे में अगर वर्तमान में आपको पैसों की जरूरत पड़ती है तो पीपीएफ के जरिए लोन हासिल किया जा सकता है. PPF में सालाना 500 रुपए का न्‍यूनतम निवेश और 1.5 लाख रुपए तक अधिकतम निवेश किया जा सकता है.

ये हैं फायदे

वहीं PPF पर लोने लेने के कई फायदे भी हैं. इसमें सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको लोन के लिए कुछ गिरवी नहीं रखना पड़ेगा. वहीं एक बार आपने लोन ले लिया तो इसको चुकाने के लिए आपको 36 महीने का समय दिया जाएगा. साथ ब्याज दर में भी काफी फायदा होता है. पीपीएफ पर मिल रहे ब्याज से सिर्फ दो फीसदी ज्यादा दर पर आपको इससे लोन मिल जाएगा. यह दर बैकों की ब्याज दरों से कम होगी. इसके साथ ही आप जिस ब्याज दर पर लोन लेंगे, वही ब्याज दर लोन की अवधि पूरे होने तक बनी रहेगी. फिर चाहे आपके पीपीएफ पर मिलने वाले ब्याज दर में कोई बदलाव ही क्यों न हो.

ध्यान रखें ये बातें

हालांकि पीपीएफ से लोन लेना है तो आपके पीपीएफ अकाउंट को खुले हुए दो वित्त वर्ष पूरे हो चुके होने चाहिए. लोन की सीमा दूसरे वित्‍त वर्ष के आखिर में मौजूद पीपीएफ बैलेंस के 25 प्रतिशत से ज्‍यादा नहीं हो सकती. वहीं अगर आपके अकाउंट से निकासी शुरू हो चुकी है तो पीपीएफ पर लोन नहीं लिया जा सकता है. इसके अलावा अगर आप पहले ही पीपीएफ पर एक बार लोन ले चुके हैं तो आप दूसरा लोन तभी ले सकेंग, जब आप पहल लोन चुका देंगे.

साथ ही इस बात को भी ध्यान रखना चाहिए कि अगर आपने 36 महीनों में लोन नहीं चुकाया तो पीपीएफ पर मिल रहे ब्याज से 6 फीसदी ज्यादा ब्याज चुकाना होगा. वहीं सबसे जरूरी और महत्वपू्र्ण बात यह है कि लोन लेने के लिए आपका पीपीएफ अकाउंट सक्रिय होना चाहिए यानि की हर साल इसमें होने वाला इन्वेस्टमेंट जारी रहना चाहिए.

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