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10% कोटा: सरकारी संस्थानों, बैंकों और रेलवे में अब नौकरी को लेकर होगी घमासान, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

वित्त वर्ष 2014 में सीपीएसई में कर्मचारियों की संख्या 16.91 लाख से घटकर वित्त वर्ष 2017 में 15.23 लाख हो गई है लेकिन वित्त वर्ष 2017 में एक छोटी सी बढ़त के लिए, पिछले चार वर्षों में इस संख्या में लगातार गिरावट देखी जा रही है

Updated On: Jan 14, 2019 10:50 AM IST

FP Staff

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10% कोटा: सरकारी संस्थानों, बैंकों और रेलवे में अब नौकरी को लेकर होगी घमासान, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

रोजगार की संभावनाओं के संदर्भ में, सामान्य श्रेणी में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 फीसदी आरक्षण के लाभार्थी, जो पिछले सप्ताह संसद में पारित किया गया था, वह केंद्र सरकार, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (CPSE) और यहां तक कि बैंकों में तेजी से सिकुड़ते नौकरियों के मंजर का सामना करेंगे. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा पिछले तीन वर्षों में मुख्य एजेंसियों- संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC), रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) में भर्ती के आंकड़े जिनमें वित्तीय वर्ष 2017 में 1,00,933 की गिरावट दर्ज की गई थी वहीं वित्तीय वर्ष 2018 में 1,13,524 की गिरावट दर्ज की गई.

कॉन्ट्रैक्च्युअल और कैज्युअल श्रमिकों को बाहर किया जाना था

भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय के अलग-अलग आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2014 में सीपीएसई में कर्मचारियों की संख्या 16.91 लाख से घटकर वित्त वर्ष 2017 में 15.23 लाख हो गई है लेकिन वित्त वर्ष 2017 में एक छोटी सी बढ़त के लिए, पिछले चार वर्षों में इस संख्या में लगातार गिरावट देखी जा रही है. हालांकि, कॉन्ट्रैक्च्युअल और कैज्युअल श्रमिकों की संख्या को बाहर किया जाना था, वित्तीय वर्ष 2012 में सीपीएसई में व्यक्तियों की संख्या 11.85 लाख की तुलना में वित्त वर्ष 2017 में 11.31 लाख थी, इसलिए कर्मचारियों की संख्या में 4.60 प्रतिशत की कमी आई. बैंकों के मामले में आरबीआई के आंकड़ों से पता चलता है कि कुल रोजगार में लगभग 4.5 फीसदी की बढ़त हुई है, लेकिन बढ़ोतरी अधिकारियों के काम पर रखने के कारण हुई है. दो अन्य नौकरी की श्रेणियों- क्लर्क और सबऑर्डिनेट स्टाफ की भर्ती में वित्तीय वर्ष 2015 और वित्तीय वर्ष 2017 के बीच लगभग 8 प्रतिशत की गिरावट हुई है.

UPSC सिविल सेवा और संबद्ध सेवाओं के लिए परीक्षा आयोजित करता है

सीपीएसई रोजगार संख्या में गिरावट के बारे में पूछे जाने पर भारी उद्योग मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा- सीपीएसई में जनशक्ति नियोजन (प्लानिंग) और तैनाती उनकी व्यावसायिक योजना के उद्देश्यों और लक्ष्यों, मौजूदा व्यावसायिक स्थितियों और आवश्यकताओं और भविष्य के संचालन, विस्तार और निवेश योजना आदि जैसे अन्य कारकों से जुड़ी है. जनशक्ति रोजगार में बदलाव के अन्य कारणों में सीपीएसई में रिटायरमेंट, एट्रिशन और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना और स्वैच्छिक पृथक्करण (Voluntary Separation) योजनाएं शामिल हैं. बता दें कि UPSC सिविल सेवा और संबद्ध सेवाओं के लिए परीक्षा आयोजित करता है. वहीं विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों में निचले पदों के लिए SSC, जबकि RRB और RRC (रेलवे रिक्रूटमेंट सेल) रेलवे के लिए भर्ती करते हैं.

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