फिर बेइज्जत हुए टायसन, चिली ने एयरपोर्ट से ही वापस लौटाया

1992 के बलात्कार मामले के चलते टायसन को नही दी गई चिली में एंट्री की इजाजत

FP Staff

बॉक्सिंग के रिंग में अपने मुक्कों की दम पर विरोधियों को नॉक-आउट करने वाले पूर्व हेवीवेट चैंपियन माइक टायसन एक बार फिर से खबरों में हैं. इस बार उन्होंने कोई नया कारनामा नहीं किया है लेकिन अपनी एक पुरानी कास्तानी की वजह से उन्हें बेइज्जत होना पड़ा है और वह भी एक पराए मुल्क में.

जी हां साउथ अमेरिका के देश चिली ने ने माइक टायसन को अपने देश में एंट्री करने से रोक दिया और उन्हें एयरपोर्ट के इमीग्रेशन काउंटर से ही उनके देश अमेरिका की फ्लाइट में बिठाकर वापस रवाना कर दिया गया है.


कई बार हेवीवेट चैंपियन रहे टायसन माइक टायसन को 1992 में एक कम उम्र की ब्यूटी कंटेस्टेंट के साथ बलात्कार करने के आरोप में छह साल की सजा सुनाई गई गई थी जिसमें से तीन साल की सजा उन्होंने काटी भी थी.

चिली की इमिग्रेशन पोलिसी के मुताबिक इस तरह से सजायाफ्ता इंसान को उनके देश में एंट्री की इजाजत नहीं दी जाती है. टायसन को वापस भेजे जाने की जानकारी चिली की एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा ट्वीट करके दी गई.

टायसन चिली में एक टेलीविजन कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे. बलात्कार वाले इस मामले के चलते टायसन पहले भी बेइज्जत हो चुके हैं. पांच साल पहले यानी 2012 में वह न्यूजीलैंड के चैरिटी कार्यक्रम का हिस्सा बनेन वाले थे लेकिन न्यीजीलैंड की सरकार ने उन्हें वीजा देने से इनकार कर दिया था.