कोहली की सफाई, शराब का नहीं बल्कि एनर्जी ड्रिंक का करता हूं प्रचार

फर्स्ट पोस्ट हिंदी ने उठाया था मुद्दा, सरोगेट विज्ञापन के तहत शराब बनाने वाली कंपनी एनर्जी ड्रिंक के नाम से कराती हैं विज्ञापन

FP Staff

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने सफाई दी है कि वह आईपीएल के दौरान शराब का विज्ञापन नहीं करते हैं. उनका कहना है कि शराब बनाने वाली उस कंपनी की एनर्जी ड्रिंक भी उसी ब्रैंड के नाम से है लिहाज वह शराब की बजाय एनर्जी  ड्रिंक का विज्ञापन करते हैं.

समाचार पत्र इकॉनोमिक टाइम्स के साथ बात करते हुए विराट ने यह सफाई दी है. आपको बता दें कि फर्स्टपोस्ट हिंदी ने भी अपनी एक स्टोरी में इस मसले को उठाया था.


दरअसल यह पूरा मामला सरोगेट विज्ञापन का है. भारत में शराब के विज्ञापन पर पाबंदी लगी हुई है. इसका तोड़ निकालते हुए शराब कंपनियां अपने उसी ब्रैंड के नाम पर दूसर प्रॉडक्ट भी निकालती है और उन्हीं का विज्ञापन कराया जाता है.

पिछले दिनों कोहली ने एक सॉफ्ट ड्रिंक के विज्ञापन यह कहते हुए करने से मना कर दिया था कि जिस उत्पाद को वह स्वयं इस्तेमाल नहीं करते है उसे वह अपने फैंस को इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दे सकते हैं. इकॉनोमिक टाइम्स के साथ बातचीत में कोहली इस बात को दोहराया है कि जिस प्रॉडक्ट पर उन्हें भरोसा नहीं है वह उसका विज्ञापन नही करेंगे.

आपको बता दें कोहली इस वक्त विज्ञापन की दुनिया के बेताज बादशाह बने हुए हैं.  आज की तारीख में कोहली के पास 17 बड़े और मशहूर ब्रैंड हैं. बिजनेस मैग्जीन फोर्ब्स के मुताबिक कोहली की ब्रैंड वैल्यू फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी से भी ज्यादा है.

पिछले साल जहां कोहली एक दिन के एंडोर्समेंट के लिए 2.5 करोड़ रुपए से चार करोड़ की बीच की रकम चार्ज करते थे वहीं अप यह रकम 4.5 - 5 करोड़ रुपए हो गई है.

हाल ही में खबर आई थी कि इंस्टाग्राम पर अपनी एक पोस्ट के जरिए प्रचार करने के एवज में कोहली करोड़ों रुपए कमाते हैं.

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कोहली को रेसलर सुशील कुमार और क्रिकेटर हाशिम अमला से प्रेरणा नहीं लेनी चाहिए जिन्होंने शराब के विज्ञापन को ठुकरा दिया था.