हिमाचल चुनाव 2017: राहुल गांधी के दौरे ने कांग्रेस को दी संजीवनी

राहुल गांधी ने अपने भाषण में गुजरात के विकास की तुलना में हिमाचल को विकास का सर्वश्रेष्ठ मॉडल बताया

Matul Saxena

हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अपने अंतिम चरणों में है. निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी यह जंग नरेंद्र मोदी बनाम वीरभद्र सिंह में तब्दील हो गई है. अब मामला अंतिम फैसले के लिए जनता की अदालत में पहुंच चुका है.

राज्य के अपने तीन दिन के चुनाव प्रचार में पीएम मोदी ने अपनी हर सभा में वीरभद्र सिंह पर भ्रष्टाचार और प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर जमकर हमला बोला. पालमपुर की जनसभा में तो प्रधानमंत्री ने यहां तक कह डाला कि कांग्रेस हिमाचल में हार से डर कर पहले ही भाग खड़ी हुई है.


सोमवार को राहुल गांधी के हिमाचल दौरे से बीजेपी के इस आरोप पर विराम लग गया कि वीरभद्र अकेले ही कांग्रेस के प्रचार की कमान थामे हुए हैं. राहुल ने सिरमौर जिले के पांवटा साहिब के अलावा चंबा और कांगड़ा जिला के नगरोटा में भी जनसभाओं को संबोधित किया.

प्रेम कुमार धूमल-वीरभद्र सिंह

राहुल ने हिमाचल को विकास का सर्वश्रेष्ठ मॉडल बताया

राहुल गांधी ने इन तीनों स्थानों पर मोदी सरकार के खिलाफ आरोपों की बौछार कर दी. पांवटा साहिब में राहुल गांधी ने गुजरात के विकास की तुलना हिमाचल से करते हुए हिमाचल को विकास का सर्वश्रेष्ठ मॉडल बताया. चंबा के ऐतिहासिक चौगान मैदान में मोदी सरकार द्वारा किसानों की अनदेखी, काला धन और नोटबंदी का मामला उठाया.

चंबा जिले की पांच विधानसभा सीटों में से चार सीटों पर कांग्रेस की बढ़त की संभावना है. जमीनी हकीकत यह है कि इस जिले के लोगों का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से कोई अधिक सरोकार नहीं रहता. उन्हें तो अपने स्थानीय मुद्दे सड़क, बिजली, पानी और रोजगार ही सबसे अहम नजर आते हैं.

इसी प्रकार कांगड़ा जिले की उन सीटों पर जहां कांग्रेस बीजेपी को कड़ी टक्कर दे रही है, कांग्रेस उम्मीदवारों की अपनी शख्सियत अधिक असरदार साबित हो रही है. चुनावों का आकलन करने वाले अतिउत्साही पंडित तो चंबा और कांगड़ा से 10 सीटें कांग्रेस को दे रहे हैं. राहुल गांधी के इस दौरे से प्रदेश में कांग्रेस के जीतने वाले उम्मीदवारों को संजीवनी मिली है.