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DUSU में दोबारा चुनाव कराने की मांग वाली याचिका पर HC ने सुरक्षित रखा फैसला

याचिका में मांग की गई थी कि दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ अध्यक्ष अंकिव बसोया ने यूनिवर्सिटी में दाखिला के लिए फर्जी डिग्री का इस्तेमाल किया था. ऐसे में यूनिवर्सिटी में दोबारा चुनाव होना चाहिए

FP Staff

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में दोबारा छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है. याचिका में मांग की गई थी कि दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ अध्यक्ष अंकिव बसोया ने यूनिवर्सिटी में दाखिला के लिए फर्जी डिग्री का इस्तेमाल किया था. ऐसे में यूनिवर्सिटी में दोबारा चुनाव होना चाहिए.

इससे पहले 15 नवंबर को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अंकिव बसोया से डूसू अध्यक्ष पद छीन लिया था. एबीवीपी का कहना था कि फर्जी डिग्री मामले की जांच खत्म होने तक संगठन की सभी जिम्मेदारियों से अंकिव बसोया को बर्खास्त कर दिया गया है. साथ ही उन्हें डूसू अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा देने के लिए भी कहा है.

दरअसल, कुछ दिनों पहले ही NSUI ने बसोया की स्नातक की डिग्री को फर्जी बताया था और तिरुवल्लुवर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने तमिलनाडु के शिक्षा प्रधान सचिव को लिखित में कहा कि अंकिव बसोया ने उनके यूनिवर्सिटी में कभी दाखिला लिया ही नहीं.

अंकिव को कोई डिग्री जारी नहीं की गई

चिट्ठी में रजिस्ट्रार ने लिखा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट यूनियन अध्यक्ष अंकिव बसोया ने उनकी यूनिवर्सिटी में कभी दाखिला लिया ही नहीं और न ही उनकी यूनिवर्सिटी के किसी कॉलेज के वो छात्र रहे हैं. रजिस्ट्रार ने साफ लिखा है कि उन्होंने जो सर्टिफिकेट जमा किया है वह फर्जी है. उनकी यूनिवर्सिटी ने ऐसा कोई सर्टिफिकेट उन्हें जारी ही नहीं किया. इस तरह का कोई छात्र उनके किसी भी कॉलेज में नहीं था.

उन्होंने बताया कि परीक्षा नियंत्रक ने अपने कार्यालय से पूरी जांच करने के बाद एक पत्र भेजा है, जिसमें साफ लिखा है कि अंकिव बसोया द्वारा दिखाया गया सर्टिफिकेट फर्जी है.

वहीं अंकिव ने तिरुवल्लुवर यूनिवर्सिटी की यह अंडर ग्रेजुएट की डिग्री दिल्ली यूनिवर्सिटी के एमए प्रोग्राम में एडमिशन लेने के लिए दी थी. फर्जी डिग्री को लेकर विवाद बढ़ने के बाद डीयू ने जांच के आदेश दिए हैं.

सितंबर में हुए छात्रसंघ चुनाव में मिली थी अंकिव को जीत

इस साल सितंबर को डीयू छात्र संघ चुनाव में 44.66 फीसदी मतदान हुआ था. जिसमें एबीवीपी ने शानदार जीत दर्ज की थी. एबीवीपी ने इस चुनाव में चार पदों में से तीन पर कब्जा जमा लिया था. एनएसयूआई के खाते में सचिव पद गया था. बसोया ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की तरफ से डूसू चुनाव लड़ा था और उसमें जीत हासिल की थी.