S M L

Vrischika Sankranti 2018: जानिए कब है वृश्चिक संक्रांति और क्या है इसका महत्व

मान्यता है कि सूर्यदेव वृश्चिक संक्रांति के दिन तुला राशि से वृश्चिक राशि में प्रवेश करते हैं.

Updated On: Nov 15, 2018 02:24 PM IST

FP Staff

0
Vrischika Sankranti 2018: जानिए कब है वृश्चिक संक्रांति और क्या है इसका महत्व

भारत में त्योहारो में संक्रांति काफी अहम मानी जाती है. संक्रांति के पर्व में दान का महत्व माना जाता है. वहीं वृश्चिक संक्रांति का भी अपना एक खास स्थान है. मान्यता है कि सूर्यदेव वृश्चिक संक्रांति के दिन तुला राशि से वृश्चिक राशि में प्रवेश करते हैं. इस वजह से इसे वृश्चिक संक्रांति के रूप में जाना जाता है. इस बार 16 नवंबर को वृश्चिक संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा.

ज्योतिष शास्त्र में 12 राशियां मानी गई हैं और जब इन राशियों में सूर्य का प्रवेश होता है तो इसे संक्रांति कहा जाता है. साल के 12 महीनों के दौरान सूर्य भी इन 12 राशियों में प्रवेश करता है. अब सूर्य वृश्चिक राशि में प्रवेश करने जा रहा है, इसलिए वृश्चिक संक्रांति मनाई जाती है. ठीक ऐसे ही जनवरी के महीने में जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तो मकर संक्रांति मनाई जाती है.

मान्यताओं के मुताबिक वृश्चिक संक्रांति के दिन सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान किया जाता है और विष्णु भगवान की पूजा की जाती है. इसके अलावा वृश्चिक संक्रांति पर विष्णुसहस्रनाम और आदित्य हृदय स्तोत्र का भी पाठ किया जाता है. वहीं संक्रांति पर दान का काफी महत्व बताया गया है. अपनी इच्छा अनुसार इस दिन दिया गया दान, गरीबों को भोजन काफी फलदायी माना जाता है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi