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Valmiki Jayanti 2018: नारद मुनि की बातों से महर्षि वाल्मीकि को मिला था ज्ञान, जिंदगी में आया था बदलाव

हर साल आश्विन माह की शरद पूर्णिमा को महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाई जाती है.

Updated On: Oct 21, 2018 03:44 PM IST

FP Staff

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Valmiki Jayanti 2018: नारद मुनि की बातों से महर्षि वाल्मीकि को मिला था ज्ञान, जिंदगी में आया था बदलाव
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हर साल आश्विन माह की शरद पूर्णिमा को महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाई जाती है. इस दिन महर्षि वाल्मीकि का जन्म हुआ था. महर्षि वाल्मीकि को रामायण महाकाव्य के रचयिता के रूप में जाना जाता है. महर्षि वाल्मीकि ने संस्कृत में रामायण की रचना की थी. ऐसा माना जाता है कि वाल्मीकि को कई भाषाओं का ज्ञान था और वो एक कवि के तौर पर भी जाने जाते थे.

इस बार 24 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाई जाएगी. वाल्मीकि जयंती पर भक्त मंदिरों में उनकी पूजा करते हैं और साथ ही इस दिन भगवान राम और महर्षि वाल्मीकि की झांकियां भी देखने को मिल जाती हैं.

पौराणिक कथा के मुताबिक, महर्षि वाल्मीकि का नाम पहले रत्नाकर था. जिंदगी के एक मोड़ में उनकी मुलाकात नारद मुनि से हुई. इस मुलाकात में नारद मुनि ने उन्हें काफी ज्ञान की बातें बताई, जिसके बाद से ही वाल्मीकि की जिंदगी में एकदम से बदलाव आ गया. नारद मुनि ने उन्हें सद्कर्म के मार्ग की ओर अग्रसर किया और इस मार्ग को चुनकर वाल्मीकि ने अपनी जिंदगी को आगे बढ़ाया. साथ ही नारद मुनि ने वाल्मीकि को राम नाम जपने की सलाह दी थी.

नारद मुनि की सलाह मानकर वाल्मीकि सद्कर्म की ओर अग्रसर हुए. जिसके बाद उन्होंने अपने भूतकाल को त्याग कर अपने वर्तमान पर ध्यान दिया और इसके बाद ही उन्होंने रामायण की रचना की, जिसे दुनियाभर में पहचान मिली हुई है.

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