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उत्पन्ना एकादशी 2017: जानिए क्या है एकादशी का महत्व?

इस व्रत को करने से जन्म जन्म के पाप मिट जाते हैं

Updated On: Nov 13, 2017 07:02 PM IST

FP Staff

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उत्पन्ना एकादशी 2017: जानिए क्या है एकादशी का महत्व?

हिन्दु मान्यताओं के मुताबिक एकादशी व्रत की खास अहमियत है. मार्गशीर्ष मास में कृष्ण पक्ष एकादशी को उत्पन्ना एकादशी कहा जाता है. उत्तर भारत में यह एकादशी मार्गशीर्ष मास में जबकि महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश में उत्पन्ना एकादशी कार्तिक मास में आती है.

क्या है मान्यता?

पौराणिक कथाओं के मुताबिक माना जाता है कि इस दिन देवी एकादशी का जन्म हुआ था. उन्होंने मुर नामक राक्षस को मारकर भगवान विष्णु जी की रक्षा की थी. उसके बाद से देवी एकादशी जीत की खुशी में इसी दिन से एकादशी व्रत की शुरुआत मानी जाती है.

कैसे करें यह व्रत?

- सुबह जल्दी उठकर ब्रह्म मुहूर्त में पूजा करनी चाहिए.

- इस व्रत को रखने से कई जन्मों के पाप मिट जाते है.

- इस व्रत को रखने से लोग सर्वश्रेष्ठ लोक में स्थान पा सकते हैं.

-  व्रत रखने से छल कपट की भावना मन से कम हो जाती है और मोहमाया के  प्रभाव से मुक्त हो जाता है.

क्या है शुभ मुहर्त?

- एकादशी तिथि आरंभ का होने का समय- 13 नवंबर 2017 को 12.24 बजे

- एकादशी तिथि समाप्त होने का समय- 14 नवंबर 2017 12.24 बजे तक

- पारण तिथि- 14 नवंबर  06:44 से 08:55 तक

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