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पितृ पक्ष 2018: श्राद्ध में ब्राह्मणों को भोजन करवाते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान

श्राद्ध कर्म के दौरान ब्राह्मणों को भोजन भी करवाया जाता है. ऐसे में ब्राह्मणों को भोजन करवाने के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

Updated On: Sep 22, 2018 06:49 PM IST

FP Staff

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पितृ पक्ष 2018: श्राद्ध में ब्राह्मणों को भोजन करवाते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान

हिन्दू धर्म में मृत्यु के बाद श्राद्ध करना बेहद जरूरी माना जाता है. मान्यतानुसार अगर किसी मनुष्य का विधिपूर्वक श्राद्ध और तर्पण न किया जाए तो उसे इस लोक से मुक्ति नहीं मिलती और वह प्रेत योनि के रूप में इस संसार में ही रह जाता है. इस साल पितृ पक्ष 24 सितंबर 2018 से शुरू होकर 9 अक्टूबर 2018 तक होगा.

ब्रह्म वैवर्त पुराण के अनुसार देवताओं को प्रसन्न करने से पहले मनुष्य को अपने पूर्वजों को प्रसन्न करना चाहिए. हिन्दू ज्योतिष के अनुसार भी पितृ दोष को सबसे जटिल कुंडली दोषों में से एक माना जाता है. मान्यता है कि अगर पितृ रुष्ट हो जाए तो मनुष्य को जीवन में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. पितरों की अशांति के कारण धन हानि और संतान पक्ष से समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है. संतान-हीनता के दोष के लिए में कुंडली में इसके लिए विशेष रूप से देखा जाता है. ऐसे लोगों को पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध अवश्य करना चाहिए.

वहीं श्राद्ध कर्म के दौरान ब्राह्मणों को भोजन करवाने की मान्यता भी है. ऐसे में ब्राह्मणों को भोजन करवाने के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. आइए जानते हैं इनके बारे में...

-श्राद्ध में ब्राह्मणों को भोजन करवाना जरूरी माना जाता है. बिना ब्राह्मणों को भोजन करवाए श्राद्ध पूरा नहीं माना जाता.

-श्राद्ध में पितरों की तृप्ति ब्राह्मणों के जरिए ही होती है. इसलिए श्राद्ध कर्म में योग्य ब्राह्मण का ही चयन करना चाहिए.

-श्राद्ध में चांदी के बर्तनों का इस्तेमाल करने से पुण्य मिलता है. ब्राह्मणों को भोजन करवाने के लिए भी चांदी के बर्तनों का इस्तेमाल करना सही माना जाता है.

-श्राद्ध में ब्राह्मणों का भोजन परोसा जाता है. इस दौरान इस बात का ध्यान रखें कि खाना जिन बर्तनों से परोस रहे हैं उन बर्तन को दोनों हाथों से पकड़े रहना चाहिए.

-ब्राह्मणों को भोजन परोसते वक्त मौन रहना चाहिए.

-श्राद्ध कर्म में गाय का घी, दूध या दही काम में लेना चाहिए. अगर किसी गाय के जरिए बछड़े को जन्म देने के 10 दिन भी पूरे नहीं हुए हैं तो श्राद्ध कर्म में उस गाय के दूध का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

-श्राद्ध कर्म के वक्त अगर कोई भिखारी आए तो उसे भी सम्मान के साथ भोजन करवाना चाहिए.

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