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Sawan2018: तीसरे सोमवार को शिव के इस स्वरूप की पूजा करने से होगी आपकी मनोकामनाएं पूर्ण

इस दिन बेहद ही शुभ संयोग बनने जा रहा है. इस संयोग में भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा अर्चना कर के भक्त उन्हें खुश कर सकते हैं

Updated On: Aug 13, 2018 09:28 AM IST

FP Staff

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Sawan2018: तीसरे सोमवार को शिव के इस स्वरूप की पूजा करने से होगी आपकी मनोकामनाएं पूर्ण

आज यानी सोमवार को सावन की तीसरी सोमवारी है. सुबह से ही मंदिर में कांवड़िए और श्रद्धालुओं की भीड़ शिव को जल चढ़ाने के लिए इकट्ठा हो गई है. महाराष्ट्र के बबलूनाथ शिव मंदिर में भक्तों की लंबी कतार लगी है.

वहीं उड़ीसा के भुवनेश्वर लिंगराजा मंदिर का भी यही नजारा है.

वैसे तो सावन महीने का हर दिन महादेव का दिन होता है, लेकिन इस एक महीने में पड़ने वाले सोमवार से भगवान शिव को ज्यादा प्यार है.

आज यानी सोमवार को सावन की तीसरी सोमवारी है और इस बार सावन के तीसरे सोमवार का खास महत्व बताया जा रहा है. इस दिन बेहद ही शुभ संयोग बनने जा रहा है. इस संयोग में भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा अर्चना कर के भक्त उन्हें खुश कर सकते हैं. ऐसा करने पर भगवान हर मनोकामना पूरी करते हैं.

अगर आप विवाहित हैं तो भगवान शिव और पार्वती की पूजा एकसाथ करें. इससे आपका वैवाहिक जीवन सुखद होगा.

भगवान शिव का संख्या 3 के साथ विशेष लगाव है. शिव की उपासना भी मूल रूप से तीन स्वरूपों में ही की जाती है. तीनों स्वरूपों की उपासना के लिए सावन का तीसरा सोमवार महत्वपूर्ण होता है.

ऐसे में इस सोमवारी को भगवान शिव के तीनों स्वरूपों की उपासना कैसे करते हैं, जानें-

नटराज - दुनिया में नृत्य, कला और संगीत के जनक शिव ही है. ऐसे में कला और नृत्य का प्रतीक नटराज शिव का ही स्वरूप है. सावन के सोमवार को घर में सफेद रंग के नटराज की स्थापना सर्वोत्तम है. इनकी उपासना में सफेद रंग के फूल अर्पित करें. इससे आपके ज्ञान, विज्ञान, कला, संगीत और अभिनय के क्षेत्र में सफलता पाने के लिए इनकी पूजा उत्तम होती है.natraj 2

नीलकंठ- शिव का कंठ नीला है. इसके पीछे की कहानी यह है कि एक बार शिव ने मानवता की रक्षा के लिए विष पी लिया था. तभी से उन्हें नीलकंठ के नाम से जाना जाता है. अगर आपको विज्ञान, कला, संगीत और अभिनय के क्षेत्र में सफलता पानी है तो इनकी पूजा करना उत्तम होती है. सावन के सोमवार को घर में सफेद रंग के नटराज की स्थापना सर्वोत्तम है. इनकी उपासना में सफेद रंग के फूल अर्पित करें.neelkanth shiv

महामृत्युंजय- वहीं महामृत्युंमजय की बात करें तो भगवान शिव के इसी तीसरे रूप की पूजा सावन के तीसरे सोमवार को होती है.शिव का मृत्युंजय स्वरूप आयु, रक्षा, अच्छी सेहत और मनोकामनाओं को पूरा करने वाला है.mahamritunjay

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