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रथ सप्तमी 2018: सालों बाद बना है ऐसा संयोग, सूर्यपूजा से दूर होंगे सारे कष्ट

माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को पड़ने वाले इस दिन को सूर्य सप्तमी के अलावा कई और नामों से भी जाना जाता है, जैसे अचला सप्तमी और आरोग्य सप्तमी.

FP Staff Updated On: Jan 24, 2018 10:09 AM IST

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रथ सप्तमी 2018: सालों बाद बना है ऐसा संयोग, सूर्यपूजा से दूर होंगे सारे कष्ट

आज देश के कई हिस्सों में रथ सप्तमी मनाई जा रही है. इस पर्व में सूर्यदेव की पूजा का विशेष महत्व है. पूरे विधि-विधान से ये पूजा करना सेहत संबंधी सारी परेशानियां दूर करता है. इस दिन दस सालों के बाद ऐसा संयोग बना है कि सूर्यदेव की पूजा मात्र से सारे कष्ट दूर हो सकते हैं.

ये है रथ सप्तमी

माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को पड़ने वाले इस दिन को सूर्य सप्तमी के अलावा कई और नामों से भी जाना जाता है, जैसे अचला सप्तमी और आरोग्य सप्तमी. भानु सप्तमी भी कहा जाता है, जब ये तिथि रविवार को पड़े. ये भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना का दिन है. मान्यता है कि इस दिन सूर्यदेव को जल अर्पित करने से शरीर रोगमुक्त हो जाता है. इस रोज दान-पुण्य का विशेष महत्व है. माना जाता है कि इसका सौ गुना पुण्य मिलता है.

पूजा की विधि

सूर्य पूजा में शरीर की शुद्धि का खास महत्व है. इसके लिए स्नान के बाद आक के सात पत्तों को सिर पर रखें और सूर्यदेव का ध्यान करते हुए ये मंत्र पढ़ें- 'नमस्ते रुद्ररूपाय रसानां पतये नम:. वरुणाय नमस्तेअस्तु'. इसके बाद भगवान को धूप-दीप अर्पित करें. रथ सप्तमी पर तेल और नमकयुक्त भोजन से परहेज करें.

पूजा का महत्व

इस दिन सूर्य का पूजन सेहत के लिए खास महत्व रखता है. माना जाता है कि जिन्हें कोई भी शारीरिक विकार हो, वे लोग अगर पूरे मन से सूर्यदेव की पूजा करें तो सारे शारीरिक कष्ट दूर हो जाते हैं. सूर्य पूजा विशेषकर चर्मरोगों को दूर करती है. संतान सुख के लिए भी इस दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है. ग्रहों के कष्ट दूर करने में भी सूर्य पूजा का महत्व है, इससे ग्रहदोष दूर हो जाते हैं.

रथ सप्तमी की कथा

शास्त्रों में उल्लेख है कि भगवान कृष्ण के पुत्र शाम्ब को अपने शारीरिक सौष्ठव पर घमंड हो गया था. इसी गर्व में उन्होंने दुर्वासा ऋषि का अपमान कर दिया. ऋषि के श्राप से शाम्ब को कुष्ठ रोग हो गया. पुत्र को घोर कष्ट में देख कृष्ण जी ने शाम्ब को सूर्य आराधना के लिए कहा. शाम्ब की पूजा से प्रसन्न होकर सूर्यदेव ने उन्हें स्वस्थ होने का आशीर्वाद दिया. तब से इस दिन स्वास्थ्य के लिए भगवान सूर्य की पूजा की जाती है.

( साभार: न्यूज 18 )

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