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Onam 2018: जानिए कहां से हुई थी इस पर्व की शुरुआत और क्यों है खास

ओणम के दौरान पूरे केरल की कुछ अलग ही छटा देखने को मिलती है. केरल के अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कराए जाते हैं

Updated On: Aug 24, 2018 05:04 PM IST

FP Staff

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Onam 2018: जानिए कहां से हुई थी इस पर्व की शुरुआत और क्यों है खास
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केरल के प्रमुख त्योहारों में से एक ओणम शुरू हो चुका है. इस साल 15 अगस्त से शुरू हो चुका है और 27 अगस्त तक मनाया जाएगा. यह त्योहार दस दिनों तक मनाया जाता है. इसे खेतों में फसल की उपज के लिए विशेष तौर पर मनाया जाता है. इस दिन लोग घरों को सजाते हैं, रंग-बिरंगी रंगोली बनाती हैं, नाचते गाते हैं औऱ खुद भी सजते हैं. ओणम के दौरान पूरे केरल की कुछ अलग ही छटा देखने को मिलती है. केरल के अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कराए जाते हैं.

ओणम के इन दस दिनों तक घरों में पकवान बनते हैं और पूरे घर चमचमाती लइटों से सजाया जाते है. ओणम के दौरान लोग शाम को घरों से निकलकर अलग-अलग इलाकों में घुमने निकलते हैं. इस दौरान कई इवेंट्स भी आयोजित किए जाते हैं जिनमें नौका रेस भी है. ओणम के आखिरी दिन हाथी पर परेड निकाली जाती है.

कहां हुई थी इस पर्व की शुरुआत

बताया जाता है कि केरल के त्रिकाकरा मंदिर में ही ओणम की शुरुआत हुई थी. इसलिए ये त्योहार इस मंदिर में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. ओणम के दौरान मंदिर में कई आयोजन होते हैं. साथ ही दस दिनों तक यहां एक खास तरह का झंडा फहराया जाता है. ओणम के दौरान आयोजित कार्यक्रमों में लोकनृत्यों के साथ-साथ पुली -कली डांस भी किया जाता है. इस डांस को करने के लिए पुरुष बाघ की तरह मेकअप करते हैं और कुछ शिकारी बनकर भी डांस करते हैं.

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