विधानसभा चुनाव | गुजरात | हिमाचल प्रदेश
S M L

पुष्कर मेला 2017: राजस्थानी रंगत में डूबा पुष्कर मेला, सरोवर में श्रद्धालुअों ने लगाई डुबकी

प्रबोधिनी एकादशी के मौके पर इन पांच दिनों में श्रद्धालु पुष्कर सरोवर में डुबकी लगाकर पुण्योदय की कामना करते हैं

Ankur Mishra Updated On: Nov 18, 2017 05:59 PM IST

0
पुष्कर मेला 2017: राजस्थानी रंगत में डूबा पुष्कर मेला, सरोवर में श्रद्धालुअों ने लगाई डुबकी

पुष्कर में चल रहे अंतरराष्ट्रीय मेले में पंचतीर्थ स्नान के साथ शुरू हुआ धार्मिक मेला आगामी 4 नवंबर कार्तिक पूर्णिमा के दिन महास्नान के साथ संपन्न होगा.

प्रबोधिनी एकादशी के मौके पर इन पांच दिनों में श्रद्धालु पुष्कर सरोवर में डुबकी लगाकर पुण्योदय की कामना करते है. पंचतीर्थ स्नान के पहले दिन एकादशी के धार्मिक महत्व को देखते हुए सरोवर में सुबह 4 बजे से ही स्नान का सिलसिला शुरू हो जाता है.

कितने चरणों में किया जाता है विभाजित?

इस मेले को तीन चरणों में विभाजित किया जाता है, जिसमें सबसे पहले पशु मेला शामिल है. दूसरे चरण में पर्यटन के लिहाज से सांस्कृतिक गतिविधियों का केन्द्र और तीसरा इसका आध्यात्मिक रुप जो सबको लुभाता है.

ब्रह्मा जी ने किया था यज्ञ?

पुष्कर के उद्भव का वर्णन पद्मपुराण में मिलता है.माना जाता है कि ब्रह्मा जी ने यहां आकर यज्ञ किया था. विश्व के प्रमुख तीर्थ स्थानों में पुष्कर ही एक ऐसा स्थान है जहां ब्रह्मा जी का मंदिर है.

पुष्कर मेले की क्या हैं खास बातें

- इन्टरनेशनल लेवल पर पुष्कर पशु मेला सबसे बड़ा है.यहां का आध्यात्मिक माहौल लोगों का बहुत पसन्द आता है.

- रेगिस्तान के जहाज के नाम से प्रसिद्ध ऊंट जहां रेतीले धोरों में एक टांग पर दौड़ लगाकर पर्यटकों का मनोरंजन करते है.

- देशी-विदेशी पर्यटकों के बीच फुटबॉल, बॉलीबाल, कबड्डी, सितोलिया जैसे पारम्परिक खेल प्रतिदिन आयोजित किए जाते है.

- मेले में  पशुओं की खरीद-फरोख्त होती है.

- पर्यटक तीर्थराज पुष्कर सरोवर के घाटों पर शाम के समय होने वाली आरती और रोशनी का आंनंद लेते है.

- लोग रेतीले धोरों में बैठकर राजस्थानी भोजन दाल,बाटी,चूरमा,कड़ी, गट्टे की सब्जी और चावल, लहसून की चटनी का आनन्द लेते है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi