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मथुरा: पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ इन मंदिरों में धूम-धाम से मनाई जाएगी जन्माष्टमी

मथुरा के ठाकुर द्वारिकाधीश, वृन्दावन के ठाकुर बांकेबिहारी, इस्कॉन के ठाकुर कृष्ण-बलराम मंदिर, गोकुल के गोकुल नाथजी, बरसाना के लाड़िलीजूं आदि सभी मंदिरों में यह महापर्व धूमधाम से मनाया जाता है

Updated On: Sep 02, 2018 02:21 PM IST

Bhasha

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मथुरा: पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ इन मंदिरों में धूम-धाम से मनाई जाएगी जन्माष्टमी

भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मथुरा में इस साल श्रीकृष्ण जन्मस्थान, ठाकुर द्वारिकाधीश और ठाकुर बांकेबिहारी सहित सभी प्रमुख मंदिरों में तीन सितंबर (भाद्रपद माह की अष्टमी तिथि) की मध्य रात्रि को वृक्ष लगाने, जीवन बचाने और पर्यावरण को सुरक्षित बनाने के संकल्प के साथ मनाया जाएगा.

मथुरा में कटरा केशवदेव के विशाल टीले पर स्थित भागवत-भवन में आयोजित होने वाला ‘श्रीकृष्ण जन्मोत्सव’ आकर्षण का मुख्य केंद्र होता है.

मथुरा के ठाकुर द्वारिकाधीश, वृन्दावन के ठाकुर बांकेबिहारी, इस्कॉन के ठाकुर कृष्ण-बलराम मंदिर, गोकुल के गोकुल नाथजी, बरसाना के लाड़िलीजूं आदि सभी मंदिरों में यह महापर्व धूमधाम से मनाया जाता है.

श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया, ‘जन्मोत्सव पर ठाकुर जी सुनहरे रंग के बंगले की सजावट के मध्य कमल वाली पोशाक में अभिषेक स्थल पर विराजेंगे. ’

रात डेढ़ बजे तक होगा अभिषेक

शर्मा ने बताया, ‘जन्माष्टमी का मुख्य संकल्प ‘वृक्ष लगाएं-जीवन बचाएं और पर्यावरण को सुरक्षित बनाएं’ होगा. अभिषेक के दर्शन के लिए द्वार मध्य रात्रि के बाद डेढ़ बजे तक खुले रहेंगे. इसके बाद सुबह नंदोत्सव मनाया जाएगा.’

सचिव ने बताया, ‘जन्मस्थान परिसर में स्थित ठाकुर केशवदेव मंदिर में फूलों और वस्त्रों से बनाए गए भव्य बंगले में ठाकुरजी विराजमान होंगे. भगवान की प्राकट्य भूमि के रूप में जाने जाने वाले कंस के कारागार के प्रसिद्ध गर्भगृह की सजावट भी देखने लायक होगी.’’

कपिल शर्मा ने बताया कि तीन सितम्बर को प्रातः मंगला-दर्शन से पूर्व भगवान के दर्शन किए जा सकेंगे. इससे पहली शाम यानी रविवार को शाम 6 बजे भगवान को दिव्य पोशाक अर्पित किए जाएंगे. इसेक बाद  केशवदेव मंदिर से भागवत भवन ले जाया जाएगा.’

सफाई पर रखा जाएगा खास ध्यान

श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान की प्रबंध समिति के सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया, ‘कृष्ण पर्यावरण के हितैषी रहे हैं. इसीलिए यह संदेश प्रसारित, प्रचारित किया जाएगा कि ‘वृक्ष लगाएं-जीवन बचाएं-पर्यावरण को सुरक्षित बनाएं’.

उन्होंने प्रशासन से शहर के सभी मार्गों को साफ रखने की अपील की है ताकि नंगे पैर मंदिर आने वाले तीर्थयात्रियों को असुविधा न हो.

 

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