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काल भैरव अष्टमी 2018: भगवान काल भैरव की विशेष कृपा पाने के लिए आज जरूर करें ये काम

मान्यता है कि काल भैरव अष्टमी के दिन जो भक्त भगवान काल भैरव की पूजा-अर्चना और उपवास करते हैं, भगवान काल भैरव उसके सभी प्रकार के रोग-दोष दूर करते हैं

Updated On: Nov 29, 2018 11:50 AM IST

FP Staff

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काल भैरव अष्टमी 2018: भगवान काल भैरव की विशेष कृपा पाने के लिए आज जरूर करें ये काम

इस साल काल भैरव अष्टमी दो दिन पड़ रही है जो 29 नवंबर से शुरू होकर 30 नवंबर तक मनाई जाएगी. काल भैरव अष्टमी साधना के लिए कठिन मानी जाती है. मान्यता है कि काल भैरव अष्टमी के दिन जो भक्त भगवान काल भैरव की पूजा-अर्चना और उपवास करते हैं, भगवान काल भैरव उसके सभी प्रकार के रोग-दोष दूर करते हैं.

हिंदु मान्यताओं के मुताबिक शिव के अपमान स्वरूप मार्गशीर्ष महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को भगवान शंकर के अंश से भैरव की उत्पत्ति हुई थी. इसलिए इस तिथि को कालभैरव अष्टमी नाम से जाना जाता है.

शिव जी के दो रूप हैं एक बटुक भैरव और दूसरा काल भैरव. बटुक भैरव भक्तों को अभय देने वाले सौम्य स्वरूप में प्रसिद्ध है. वहीं काल भैरव आपराधिक प्रवृत्तियों पर नियंत्रण करने वाले प्रचंड दंडनायक हैं.

कैसे हुई काल भैरव की उत्पत्ति?

पुराणों के मुताबिक भगवान ब्रह्मा और विष्णु के बीच श्रेष्ठ होने का विवाद हुआ. श्रेष्ठ होने के विवाद को सुलझाने के लिए सभी देवता और मुनि शिव जी के पास पहुंचे.

सभी देवताओं और मुनि की सहमति से फलस्वरूप शिव जी को श्रेष्ठ माना गया. परंतु ब्रह्मा जी इस समाधान से खुश नहीं थे. अंहकार में ब्रह्मा जी शिव जी का अपशब्द कहे. अपशब्द बातें सुनकर शिव जी को गुस्सा आ गया. इसी गुस्से के चलते कालभैरव का जन्म हुआ. उसी दिन से कालाष्टमी का पर्व शिव के रुद्र अवतार कालभैरव के जन्म दिन के रूप में मनाया जाने लगा.

इस दिन क्या करना चाहिए?

- इस दिन भगवान काल भैरव को पीले रंग की पताका अर्पित करनी चाहिए. - काल भैरव की विशेष कृपा पाने के लिए उन्हें 5 नींबू अर्पित करें. - काल भैरव अष्टमी के दिन पापड़, पूड़ी पुए और पकौड़े जैसी चीजों से भगवान - - काल भैरव का भोग लगाएं. फिर इसके अगले दिन इन चीजों को गरीबों में बांट दें.

- काल भैरव अष्टमी के दिन बाबा भैरव नाथ को जलेबी का भोग लगाएं. इसके बाद बची हुई जलेबी किसी काले कुत्ते को खिला दें. कुत्ता बाबा भैरव नाथ की सवारी माना जाता है. अतः बाबा भैरवनाथ को कुत्ता अतिप्रिय होता है.

व्रत रखने से क्या हैं फायदे?

- भैरव अष्टमी के दिन काल भैरव की पूजा करने से सारे कष्ट नष्ट हो जाते हैं.

- काल भैरव की पूजा करने से सारे पापों से मुक्ति मिलती है.

- काल भैरव को प्रसन्न करने के लिए काले कुत्ते को मीठा भोजन कराना चाहिए.

- इस दिन काल भैरव के दर्शन करने से भूत पिशाच का डर खत्म हो जाता है.

इस मंत्र का करें जाप

अतिक्रूर महाकाय कल्पान्त दहनोपम्,

भैरव नमस्तुभ्यं अनुज्ञा दातुमर्हसि!!

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