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भारतीय नववर्ष: चैत्र के महीने में क्यों मनाते हैं ये त्योहार और क्या है इसका महत्व

मान्यता है कि चैत्री नवरात्रि के पहले दिन ही आदिशक्ति प्रकट हुईं थी

FP Staff Updated On: Mar 14, 2018 08:40 AM IST

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भारतीय नववर्ष: चैत्र के महीने में क्यों मनाते हैं ये त्योहार और क्या है इसका महत्व

18 मार्च से चैत्र नवरात्रि शुरू हो रही है. इसी के साथ 18 मार्च को ही हिंदू नव वर्ष की भी शुरुआत हो रही है. कई जगह इसे गुड़ीपड़वा के नाम से भी जाना जाता है. इस तिथि को काफी पवित्र माना जाता है. कहते हैं युगों में प्रथम सत्ययुग की शुरुआत इसी तिथि से ही हुई थी.

क्यों मनाया जाता है हिंदू नववर्ष

चैत्र का महीना भारतीय कैलंडर के हिसाब से साल का पहला महीना होता है. पौराणिक मान्यता है कि चैत्र नवरात्रि के पहले दिन ही आदिशक्ति प्रकट हुईं थी. आदिशक्ति के कहने पर ही ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना करनी शुरू की थी. यही कारण है कि चैत्र शुक्ल के पहले दिन को हिंदू नववर्ष के तौर पर मनाया जाता है.

इस दिन हुई पंचाग की रचना

कहा जाता है कि इसी दिन से महान गणितज्ञ भास्कराचार्य ने सूर्योदय से सूर्यास्त तक दिन, महीने और साल की गणना कर पंचांग की रचना की थी. यही कारण है कि हिंदू पंचांग की शुरुआत भी गुड़ी पड़वा से ही होती है.

हिंदू नववर्ष के दिन ऐसे करें पूजा

सबसे पहले एक चौकी पर सफेद कपड़ा बिछाकर उस पर हल्दी या केसर से रंगे अक्षत से अष्टदल कमल बना कर उस पर ब्रह्माजी की मूर्ति स्थापित करें. इसके बाद 'ॐ ब्रह्मणे नमः' मंत्र का जाप कर ब्रह्मा का आहवान करें. इस दिन पूजा के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराने के बाद ही स्वंय भोजन करना चाहिए. इस दिन नए वस्त्र धारण कर घर को बंधनवार जैसी चीजों के साथ सजाना चाहिए. इस दिन हिंदू परिवारों में गुड़ी का पूजन भी किया जाता है जिसे दरवाजों पर भी लगाया जाता है. इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर विधि विधान के साथ पूजा करने से सुख समृद्दि की प्रप्ति होती है.

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