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Hartalika Teej 2018: सुहागिन औरतों के लिए काफी खास है ये त्योहार, जानिए क्या है पूजा विधि?

भाद्रपद मास की शुक्ल तृतीया तिथि को हरतालिका तीज के रूप में मनाया जाता है. तृतीया तिथि को तीज भी कहा जाता है.

Updated On: Sep 10, 2018 11:52 AM IST

FP Staff

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Hartalika Teej 2018: सुहागिन औरतों के लिए काफी खास है ये त्योहार, जानिए क्या है पूजा विधि?
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इस बार हरतालिका तीज 12 सितंबर को मनाई जाएगी. भाद्रपद मास की शुक्ल तृतीया तिथि को हरतालिका तीज के रूप में मनाया जाता है. इस बार पूजन मुहूर्त प्रात काल 6:15 से 9:20 तक है.

मान्यता है कि इस दिन माता पार्वती जी की आराधना करने, व्रत रखने से सुहागिन स्त्रियों को अपने सुहाग की लंबी आयु और अविवाहित कन्याओं को मनोवांछित वर प्राप्त होने का वरदान मिलता है. माना जाता है कि इस दिन माता पार्वती की सहेलियां उनका हरण कर उन्हें जंगल में ले गई थीं. जहां माता पार्वती ने भगवान शिव को वर रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था. आइए जानते हैं इसकी पूजा की विधि के बारे में...

हरतालिका पूजा विधि

- हरितालिका पूजन प्रातः काल और प्रदोष बेला में किया जाता है.

- हरितालिका पूजन के लिए मिट्टी अथवा बालू से शिव पार्वती जी और गणेश जी की मूर्ति बनाई जाती है.

- फुलेरा बनाकर उसे सजाएं. उसमें रंगोली डालकर चौकी रखें. उस पर स्वस्तिक बनाकर उसमें थाल के साथ केले का पत्ता रखकर उसमें भगवान स्थापित करें.

- फिर कलश बना कर उसको स्थापित करें.

- सर्वप्रथम कलश का पूजन करें. कलश को जल से स्नान कराकर के रोली चन्दन चांवल चढ़ाएं.

- कलश के पश्चात गणेश जी का पूजन करें.

- उसके पश्चात् शिव जी और माता पार्वती जी का पूजन कर पार्वती जी का श्रृंगार करें.

- उसके बाद हरितालिका की कथा कर उनकी आरती करें.

- रात में रतजगा किया जाता है.

- अगले दिन प्रातः काल पूजन करके पार्वती जी को सिन्दूर अर्पित करके सिन्दूर लें.

- उसके बाद उनको ककड़ी और हलवे का भोग लगा करके उपवास खोला जाता है.

- आखिर में सभी सामग्री को जल में प्रवाहित कर देते हैं.

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