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Mahalaya 2018: जानिए क्या है दुर्गा पूजा में महालया का महत्व

मां दुर्गा को धरती पर आने के लिए निवेदन प्रार्थना इसी दिन की जाती है. ये पर्व दुर्गा पूजा से सात पहले मनाया जाता है.

Updated On: Oct 08, 2018 04:02 PM IST

FP Staff

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Mahalaya 2018: जानिए क्या है दुर्गा पूजा में महालया का महत्व

बंगालियों के प्रमुख त्योहारों में से एक माने जाने महालय को आज यानी 8 अक्टूबर को देशभर में धूम धामसे मनाया जा रहा है. नवरात्रि से ठीक पहले जो अमावस्य आती है उसे महालया अमावस्या कहा जाता है. मां दुर्गा को धरती पर आने के लिए निवेदन प्रार्थना भी इसी दिन की जाती है. ये पर्व दुर्गा पूजा से सात पहले मनाया जाता है. कहते हैं दुर्गा पूजा की शुरुआत महालया से ही होती है.

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हालांकि महालया का दिन ही पिृतपक्ष का आखिरी दिन भी होता है. इसलिए कई जगहों पर पितरों को विदा करने के लिए भी कार्यक्रम किए जाते हैं.

durga maa

महालया से क्यों होती है दुर्गा पूजा की शुरूआत?

ऐसी मान्यता है कि जब महिषासुर का अत्याचार धरती पर बढ़ने लगा तब मां भगवती को लोगों की रक्षा करने के लिए महालया के दिन ही बुलाया गया था. यही कारण है कि इसी दिन से उनकी पूजा शुरू होती है. मान्यता है कि इसी दिन माता शाम को कैलाश से पृथ्वी के लिए विदा होती है. नवरात्र के दौरान मां भगवती 9 दिनों तक घरों में विराजमान रहती है. कहते है इन 9 दिनों तक घर में दीपक जलाने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और घर में सुख शांति आती है.

नवरात्र से पहले इस साल अमावस्या 8 और 9 अक्टूबर को को पड़ रही है. इसलिए महालय इन दोनो दिन ही मनाई जाएगी.

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अमावस्या का मुहूर्त

अमवस्या 8 अक्टूबर को सुबह 11.31 बजे शुरू होगी और 9 अक्टूबर को सुबह 9.16 बजे खत्म होगी.

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