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गीता जयंती 2017: सदियों पहले आज ही के दिन कृष्ण ने दिया था अर्जुन को उपदेश

मान्यता है कि आज ही के दिन भगवान श्री कृष्ण ने भ्रमित अर्जून को कुरुक्षेत्र की भूमि पर उपदेश दिया था.

Updated On: Nov 30, 2017 12:07 PM IST

FP Staff

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गीता जयंती 2017: सदियों पहले आज ही के दिन कृष्ण ने दिया था अर्जुन को उपदेश

आज से सैकड़ों साल पहले द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो उपदेश दिए थे, उन्ही उपदेशो का लिखित संग्रह है गीता. मान्यता है कि आज ही के दिन भगवान श्री कृष्ण ने भ्रमित अर्जुन को कुरुक्षेत्र की भूमि पर उपदेश दिया था. इसलिए ये दिन गीता जयंती के नाम से मनाया जाता है. गीता दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ग्रंथों में से एक मानी जाती है. कहते हैं जीवन के किसी भी पहलू से जुड़े सवाल का जवाब गीता में पाया जा सकता है.

गीता का जन्म तब हुआ, जब महाभारत काल में कुरुक्षेत्र के भयावह युद्ध से पहले अर्जुन अपनों से युद्ध करने से डगमगाने लगे थे. दादा, भाई और गुरुओं को अपने सामने देखकर अर्जुन के मन में ये प्रश्न जागा कि मैं अपनों के विरुद्ध शस्त्र कैसे उठा सकता हूं. जिसके बाद श्रीकृष्ण ने ही अर्जुन को कर्म और धर्म की मतलब समझाया और उसे निभाने के लिए प्रेरित किया.

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वैसे तो भागवत गीता 18 अध्‍याय और 720 श्‍लोकों का संग्रह हैं. लेकिन आज हम आपको बताएंगे वो कुछ सबसे लोकप्रिय उपदेश जो संर्पूण गीता का सार है.

  1. आत्मा को न शस्त्र  काट सकते हैं, न आग उसे जला सकती है. न पानी उसे भिगो सकता है, न हवा उसे सुखा सकती है.
2.जब-जब धर्म की हानी और अधर्म में वृद्धि होती है, तब-तब श्रीकृष्ण धर्म के अभ्युत्थान के लिए स्वयं की रचना करते हैं अर्थात अवतार लेता हैं.

3. खाली हाथ आए और खाली हाथ चले. जो आज तुम्हारा है, कल और किसी का था, परसों किसी और का होगा. तुम इसे अपना समझ कर मग्न हो रहे हो. बस यही प्रसन्नता तुम्हारे दु:खों का कारण है.

4. क्रोध से मनुष्य की मति मारी जाती है यानी मूढ़ हो जाती है जिससे स्मृति भ्रमित हो जाती है. स्मृति-भ्रम हो जाने से मनुष्य की बुद्धि नष्ट हो जाती है और बुद्धि का नाश हो जाने पर मनुष्य खुद अपना ही का नाश कर बैठता है.

5. श्रेष्ठ पुरुष जो-जो आचरण यानी जो-जो काम करते हैं, दूसरे मनुष्य (आम इंसान) भी वैसा ही आचरण, वैसा ही काम करते हैं. वह (श्रेष्ठ पुरुष) जो प्रमाण या उदाहरण प्रस्तुत करता है, समस्त मानव-समुदाय उसी का अनुसरण करने लग जाते हैं.

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