S M L

रमजान 2018: इस दिन मनाई जाएगी ईद, जानिए चांद दिखने का वक्त और तारीख

मुस्लिम धर्म में खुदा की इबादत के लिए रमजान का महीना सबसे पाक माना जाता है

FP Staff Updated On: Jun 15, 2018 02:13 PM IST

0
रमजान 2018: इस दिन मनाई जाएगी ईद, जानिए चांद दिखने का वक्त और तारीख

रमजान का महीना अब खत्म होने को है. अगर गुरुवार की रात चांद दिख जाता है तो 15 जून यानी शुक्रवार को ईद मनाई जाएगी. वहीं अगर 15 जून यानी शुक्रवार को चांद दिखता है तो ईद शनिवार को मनाई जाएगी. ऐसा बताया जा रहा है कि भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में 15 जून की रात चांद का दीदार होगा. इसलिए इन देशों में शनिवार को ईद मनाई जाएगी. ईद से पहले बाजार पूरी तरह सच चुके हैं. नमाज स्थलों पर रंग- रोगन करके सजाया जा चुका है.

रोजेदार भी अपने 29वें रोजे के साथ चांद के दीदार का इंतजार कर रहे हैं. अगर गुरूवार को चांद का दीदार हो जाता है तो शुक्रवार को ईद की नमाज अदा की जाएगी. बता दें कि इस साल रमजान का पहला रोजा 17 मई से शुरू हुआ था, जो कि 15 या 16 जून 2018 तक रखा जाएगा. चांद की तस्दीक पर ईद की तारीख निर्भर करती है

रमजान के महीने में मुस्लिम समाज के लोग 29 से 30 दिनों तक रोजा रखते हैं. सुबह सूरज निकलने से पहले रोजेदार शहरी करते हैं और सूरज के डूबने के बाद इफ्तार किया जाता है. इस बीच रोजेदार ना तो कुछ खा सकते हैं और ना ही कुछ पी सकते हैं. सुबह शहरी के बाद नमाज पढ़ी जाती है.

रमजान में मुस्लिम एक महीने तक रोजा रखते हैं और अल्लाह से खुशियों की दुआ करते हैं. इस दौरान रोजेदार फितरा और जकात देकर जरुरतमंदो की मदद करते हैं. माना जाता है कि रमजान के पाक महीने के दौरान ही मुस्लिमों की पाक किताब 'कुरआन शरीफ' का धरती पर अवतार हुआ था, इसलिए ही इस महीने के दौरान कुरआन शरीफ का पाठ किया जाता है.

कहते हैं कि आम दिनों में अल्लाह की इबादत से दूर रहने वाला शख्स भी रमजान में अल्लाह की इबादत करता है. इस महीने में एक रोजेदार को सब्र, मानवता और खुशियों का सही अर्थ पता चलता है. रोजा का मतलब बंदिश (मनाही), इसमें सिर्फ खाने-पीने की बंदिश नहीं है बल्कि हर उस बुराई से बंदिश है जो इस्लाम में मना है.

हर साल रमजान का महीने और ईद की तारीख में मुस्लिम कैलेंडर के अनुसार बदलाव होता रहता है. इसकी शुरुआत तब हुई थी जब पैगम्बर साहब 622 ईस्वी में मक्का से मदीना चले गए थे. जिसे हिजर भी कहा जाता है.

जानिए क्या महत्व है रमजान का

मुस्लिम धर्म में खुदा की इबादत के लिए रमजान का महीना सबसे पाक माना जाता है. कहा जाता है कि रमजान के 27वीं रात को ही शब-ए-कद्र का धरती पर अवतरण हुआ था. मुस्लिम समाज में रमजान के माह को नेकी का माह भी कहा जाता है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
सदियों में एक बार ही होता है कोई ‘अटल’ सा...

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi