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Chhath 2018: महापर्व छठ से जुड़ी इन खास बातों को जानते हैं आप?

आस्था | FP Staff | Nov 13, 2018 02:10 PM IST
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छठ पर्व में षष्ठीमाता और सूर्य देवता की पूजा एक साथ की जाती है. कहा जाता है कि सुर्य देव और छठी मैया का संबंध भाई बहन का है. षष्ठी की पूजा सबसे पहले सूर्य भगवान ने ही की थी

छठ पर्व में षष्ठीमाता और सूर्य देवता की पूजा एक साथ की जाती है. कहा जाता है कि सुर्य देव और छठी मैया का संबंध भाई बहन का है. षष्ठी की पूजा सबसे पहले सूर्य भगवान ने ही की थी

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यह दिन वैज्ञानिक आधार पर भी विशेष माना गया है. छठ पर्व के समय सूर्य की पराबैंगनी किरणें धरती पर सामान्य से अधिक मात्रा में एकत्र हो जाती हैं इसलिए उसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए सूर्य भगवान की अराधना की जाती है

यह दिन वैज्ञानिक आधार पर भी विशेष माना गया है. छठ पर्व के समय सूर्य की पराबैंगनी किरणें धरती पर सामान्य से अधिक मात्रा में एकत्र हो जाती हैं इसलिए उसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए सूर्य भगवान की अराधना की जाती है

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इस पर्व को इकलौता ऐसा पर्व कहा गया है जिसमें व्रती महिलाएं भगवान सूर्य से अपने भरे पूरे परिवार के लिए बेटी की मांग करती हैं

इस पर्व को इकलौता ऐसा पर्व कहा गया है जिसमें व्रती महिलाएं भगवान सूर्य से अपने भरे पूरे परिवार के लिए बेटी की मांग करती हैं

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 छठ पर्व को लेकर यह भी प्रचलित है कि जब पांडव सारा राज पाठ जुए में हार गए थे तब द्रौपदी ने छठ पर्व रखा था, जिसके बाद उन्हें हारा हुआ सारा साम्राज्य वापस मिल गया था

छठ पर्व को लेकर यह भी प्रचलित है कि जब पांडव सारा राज पाठ जुए में हार गए थे तब द्रौपदी ने छठ पर्व रखा था, जिसके बाद उन्हें हारा हुआ सारा साम्राज्य वापस मिल गया था

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छठ पर्व को प्रकृति की पूजा से भी जोड़कर देखा जाता है. कहा जाता है कि आदि देव सूर्य की जरूरत धरती पर मौजूद तमाम जीव जंतुओं को है. सूर्य ही जीवन है और जल का स्रोत भी क्योंकि सूर्य ही जल के स्रोत को रास्ता देता है. छठ के मौके पर प्रकृति द्वारा प्रदत्त तमाम चीजें खासकर विलुप्त हो रही कंदमूल फल का प्रयोग होता है जिससे उसके संरक्षण को बढ़ावा मिलता है.

छठ पर्व को प्रकृति की पूजा से भी जोड़कर देखा जाता है. कहा जाता है कि आदि देव सूर्य की जरूरत धरती पर मौजूद तमाम जीव जंतुओं को है. सूर्य ही जीवन है और जल का स्रोत भी क्योंकि सूर्य ही जल के स्रोत को रास्ता देता है. छठ के मौके पर प्रकृति द्वारा प्रदत्त तमाम चीजें खासकर विलुप्त हो रही कंदमूल फल का प्रयोग होता है जिससे उसके संरक्षण को बढ़ावा मिलता है.

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