विधानसभा चुनाव | गुजरात | हिमाचल प्रदेश
S M L

Chhath Puja 2017: जानिए छठ में हर एक दिन का महत्व

कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से सप्तमी तक चलने वाला ये चार दिन का पर्व खाए नहाय के साथ शुरू होता है

FP Staff Updated On: Oct 23, 2017 11:50 AM IST

0
Chhath Puja 2017: जानिए छठ में हर एक दिन का महत्व

बिहार और यूपी के कई इलाकों में मनाए जाने वाले छठ पर्व की शुरुआत हो चुकी है. छठ का त्‍योहार एक साल में दो बार मनाया जाता है. पहली बार ये त्योहार चैत्र महीने में और दूसरी बार कार्तिक महीने में आता है. भगवान सूर्य की उपासना के साथ छठ पर्व की शुरुआत होती है. हिंदू धर्म में किसी भी पर्व की शुरुआत स्नान के साथ ही होती है और ये पर्व भी स्नान यानी नहाय-खाय के साथ होता है. कार्तिक महीने में छठ मानने का विशेष महत्व है.

A Hindu devotee worships the Sun god amidst heavy smog at a pond during Chhath Puja in New Delhi, India November 6, 2016. REUTERS/Adnan Abidi - S1AEULHCXTAA

पहला दिन

छठ पर्व का पहला दिन कार्तिक शुक्ल चतुर्थी नहाय खाय के रूप में मनाया जाता है.नहाय-खाय के मौके घर की पूरी तरह से सफाई की जाती है. शुद्ध शाकाहारी भोजन बनाते हैं. इस दिन व्रती महिलाएं स्नान और पूजा-अर्चना के बाद कद्दू व चावल के बने प्रसाद को ग्रहण करती हैं.

D1BEULHBQSAC

दूसरा दिन

खरना, छठ पूरा का दूसरा दिन होता है. इस दिन खरना की विधि की जाती है. खरना का मतलब है पूरे दिन का व्रत. व्रती महिला या पुरुष इस दिन जल की एक बूंद तक ग्रहण नहीं करते हैं. खास बात ये है कि खरना का प्रसाद नए चूल्हे पर ही बनाया जाता है. शाम होने पर गन्ने का जूस या गुड़ के चावल या गुड़ की खीर का प्रसाद बना कर बांटा जाता है.

A Hindu devotee prays while standing in the waters of the Arabian Sea as she worships the Sun god Surya during the Hindu religious festival "Chhath Puja" in Mumbai, November 8, 2013. Hindu devotees worship the Sun god and fast all day for the betterment of their family and society during the festival. REUTERS/Danish Siddiqui (INDIA - Tags: RELIGION SOCIETY) - GM1E9B81PVV01

तीसरा दिन

छठ व्रत के तीसरे दिन कार्तिक शुक्ल षष्ठी को दिन में छठ का प्रसाद बनाया जाता है. प्रसाद के रूप में ठेकुआ जिसे टिकरी भी कहते हैं. इसके अलावा चावल के आटे से बने लाडुआ बनाते हैं. इस दिन शाम का अर्घ्य दिया जाता है.आज पूरे दिन के उपवास के बाद शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. मान्‍यता के अनुसार शाम का अर्घ्य के बाद रात में छठी माता के गीत गाए जाते हैं और व्रत कथा भी सुनी जाती है.

A Hindu devotee holds a coconut while standing in the waters of the Arabian Sea as she worships the Sun god Surya during the Hindu religious festival "Chhath Puja" in Mumbai, November 8, 2013. Hindu devotees worship the Sun god and fast all day for the betterment of their family and society during the festival. REUTERS/Danish Siddiqui (INDIA - Tags: RELIGION SOCIETY) - GM1E9B81PWU01

चौथा दिन

कार्तिक शुक्ल सप्तमी की सुबह उगते सूर्य को अ‌र्घ्य दिया जाता है. छठ पर्व के चौथे और अंतिम दिन सुबह का अर्घ्य दिया जाता है. चौथे  दिन सुबह सूर्य निकलने से पहले ही घाट पर पहुंचना होता है और उगते सूर्य को अर्घ्य देना होता है. अर्घ्य देने के बाद घाट पर छठ माता से संतान-रक्षा और घर परिवार के सुख शांति का वर मांगा जाता है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi