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अनंत चतुर्दशी 2018: इस दिन रखा जाता है अनंत व्रत, जानिए पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

हर साल भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी के रूप में मनाया जाता है.

Updated On: Sep 20, 2018 04:00 PM IST

FP Staff

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अनंत चतुर्दशी 2018: इस दिन रखा जाता है अनंत व्रत, जानिए पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

हर साल भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी के रूप में मनाया जाता है. इस साल अनंत चतुर्दशी 23 सितंबर को है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. वहीं अनंत चतुर्दशी को अनंत व्रत करने का भी महत्व होता है. इस चतुर्दशी को भगवान अनंत यानि भगवान विष्णु का व्रत और पूजा की जाती है. मान्यता है कि इस दिन पुरुष और महिला दोनों ही इस व्रत को कर सकते हैं. महिलाएं इस दिन सौभाग्य की रक्षा और सुख के लिए इस व्रत को करती हैं तो पुरुष ऐश्वर्य प्राप्ति के लिए यह व्रत करते हैं.

पूजा विधि

अनंत चतुर्दशी पर सुबह स्नान करें और साफ वस्त्र धारण कर व्रत का संकल्प लें. पूजा स्थल पर कलश की स्थापना करें और भगवान विष्णु की तस्वीर सामने रखें. पूजा स्थल पर सूत में कुमकुम, केसर और हल्दी लगाकर 14 गांठ के अनंत सूत्र को तैयार करें और इसे भगवान विष्णु को चढ़ाएं. पूजा में रोली, मौली, धूप, दीप, नेवेद्य, चंदन, पुष्प, ऋतु फल, पंचामृत अर्पण करने का भी विधान है. इसके बाद भगवान का जप करें या हवन करें. पूजा के बाद अनंत सूत्र को पुरुष दाएं हाथ में और महिलाएं बाएं हाथ पर बांध लें. आखिर में ब्राह्मण को भोजन कराएं और प्रसाद ग्रहण करें.

इस दिन अनंत व्रत कथा, सत्यनारायण भगवान का पाठ भी किया जाता है और कथा भी सुनी जाती है. वहीं इस दिन 14 गांठें बनाकर जो धागा अपने बाजू पर धारण किया जाता है, इनमें 14 गांठें हरि के जरिए उत्पन्न 14 लोकों तल, अतल, वितल, सुतल, तलातल, रसातल, पाताल, भू, भुवः, स्वः, जन, तप, सत्य, मह की रचना के प्रतीक हैं. मान्यताओं के मुताबिक अगर 14 सालों तक यह व्रत किया जाए तो विष्णु लोक की प्राप्ति होती है. अनंत चतुर्दशी पूजा मुहूर्त 23 सितंबर सुबह 06:09 बजे से 24 सितंबर सुबह 07:19 बजे तक है.

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