S M L

अक्षय तृतीया 18 अप्रैल को, जानें कब है मुहूर्त और क्या है पूजन विधि?

अक्षय तृतीया का दिन हिंदू धर्म में बेहद शुभ माना जाता है, इस दिन सोना खरीदना, प्रॉपर्टी खरीदना और दान पुण्य करना बेहद शुभ माना जाता है

Updated On: Apr 08, 2018 03:45 PM IST

FP Staff

0
अक्षय तृतीया 18 अप्रैल को, जानें कब है मुहूर्त और क्या है पूजन विधि?
Loading...

हिंदू धर्म और रीति-रिवाजों में अक्षय तृतीया का काफी महत्वपूर्ण स्थान है. बैसाख की तृतीया का यह दिन हिंदू पंचांग में सबसे शुभ तिथि मानी जाती है. बैसाख महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया कहा जाता है. अक्षय तृतीया का अर्थ है जिसका कभी क्षय न हो, जो कभी नष्ट न हो सके या जिसे नष्ट न किया जा सके. इसलिए इस दिन लोग सोने की खरीदारी करते हैं क्योंकि लोगों को सोने से काफी लगाव है.

18 अप्रैल को पूरे देश में अक्षय तृतीया मनाई जाएगी. यह दिन शादी-विवाह के लिए भी अति उत्तम है. लोग तृतीया के शुभ मुहूर्त में अपनी शादी करना चाहते हैं. यह ऐसा दिन है जब बिना कोई मुहूर्त देखे शादी की जाती है. इसे अक्षय तीज या आखा तीज या तीजा भी कहा जाता है.

कब है शुभ मुहूर्त

18 अप्रैल को सुबह 4:47 मिनट से शुरू होकर अगले दिन सुबह 3:03 बजे तक अक्षय तृतीया का महाशुभ योग बन रहा है. इस योग की खास बात यह है कि इस बार पूरे 24 घंटे का शुभ मुहूर्त मिल रहा है. इसे सौभाग्य की बात मान सकते हैं.

क्या-क्या करें शुभ कार्य

सभी प्रकार के मांगलिक कार्य, मुंडन, शादी विवाह, बहू का पहली बार चौका छूना, दुकान-व्यापार की शुरुआत और सारे शुभ कार्य किए जा सकते हैं.

दान करें, पुण्य पाएं

इस दिन कुछ उत्तम कार्य या दान कर पुण्य कमाया जा सकता है. जल से भरे घड़े, कुल्हड़, सकोरे, पंखे, खड़ाऊं, छाता, चावल, नमक, घी, खरबूजा, ककड़ी, चीनी, साग, इमली, सत्तू जैसी चीजों का दान करें और पुण्य लाभ अर्जित करें. हिंदू ग्रंथों और शास्त्रों में इसे उत्तम कार्य माना गया है. आप अपने भाग्योदय के लिए शंख और मोरपंख भी खरीद सकते हैं.

फोटो रॉयटर से

फोटो रॉयटर से

ऐसे करें पूजा

अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए. इस शुभ तिथि पर श्री विष्णुसहस्त्रनाम और श्री सूक्त पाठ का काफी महात्म्य है. यह पाठ कर आप जीवन में धन, यश, पद और प्रतिष्ठा कमा सकते हैं. पूजन के दौरान भगवान विष्णु को पीला पुष्प अर्पित करें और पीला वस्त्र धारण कराएं. घी के 9 दीपक जलाकर पूजा शुरू करें. बीमारी से छुटकारा पाने के लिए राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें, अवश्य लाभ होगा.

0
Loading...

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
फिल्म Bazaar और Kaashi का Filmy Postmortem

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi