live
S M L

वेंकैया नायडू और गोपाल कृष्ण गांधी के भविष्य पर शनिवार को होगा फैसला

सत्ताधारी एनडीए गठबंधन की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू इस पद के उम्मीदवार हैं

Updated On: Aug 04, 2017 09:19 PM IST

FP Staff

0
वेंकैया नायडू और गोपाल कृष्ण गांधी के भविष्य पर शनिवार को होगा फैसला

देश के 15वें उपराष्ट्रपति चुनने के लिए शनिवार को संसद भवन परिसर में मतदान होगा. सत्ताधारी एनडीए गठबंधन की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू इस पद के उम्मीदवार हैं. वहीं, महात्मा गांधी के पौत्र गोपाल कृष्ण गांधी विपक्ष की ओर से मैदान में होंगे. शनिवार देर शाम तक चुनाव का नतीजा भी सामने आ जाएगा.

वैसे मौजूदा उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का कार्यकाल दस अगस्त को समाप्त हो रहा है. वेंकैया नायडू ने जहां अपने लंबे सार्वजनिक जीवन का हवाला देते हुए सांसदों से समर्थन की अपील की है, तो गोपाल कृष्ण गांधी ने खुद को आम जनता का प्रतिनिधि बताते हुए साथ देने की बात कही है.

शनिवार को सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक संसद भवन परिसर में वोटिंग होगी और मतगणना के बाद देर शाम तक नतीजा घोषित कर दिया जाएगा. वैसे अंक-गणित की बात करें तो एनडीए के प्रत्याशी वेंकैया नायडू अपने प्रतिद्वंद्धि गोपाल कृष्ण गांधी से काफी आगे नजर आ रहे हैं. उप-राष्ट्रपति चुनाव में सिर्फ लोक सभा और राज्य सभा के सदस्य ही वोट कर सकते हैं. ऐसे में एनडीए की जीत साफ दिखाई दे रही है.

बता दें कि दोनों सदन को मिलाकर सांसदों की संख्या 790 है. बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए के पास लोकसभा में 340 और राज्यसभा में 85 सांसद हैं, जो कुल मिलाकर 425 हैं, यानी आधे से काफी ज्यादा. अंक गणित को देखते हुए बीजेपी आश्वस्त भी नजर आ रही है.

राष्ट्रपति पद के लिए हुई वोटिंग में कई वोट गलतियों की वजह से अवैध हो गए थे. ऐसी गलती दोबारा नहीं हो, इसके लिए एनडीए ने विशेष तैयारी की है. शुक्रवार देर शाम एनडीए के सांसदों के साथ बीजेपी ने बकायदा बैठक कर वोटिंग की प्रक्रिया और किस तरह से वोट दिए जाएंगे, इसकी कार्यशाला का भी आयोजन किया. इसमें बकायदा मतपत्र और वोट डालने के तरीके की जानकारी का प्रावधान है.

विपक्ष को उम्मीद थी कि उसके वोटों में बढ़ोतरी होगी, लेकिन अन्नाद्रमुक, वाईएसआर कांग्रेस जैसे कई दलों ने एनडीए उम्मीदवार को समर्थन देने की बात कर उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. बीते दिन बिहार में महागठबंधन को तोड़ते हुए जेडीयू ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ली है. लेकिन जेडीयू का कहना है कि वो पहले से गांधी के नाम का समर्थन कर चुकी है, लिहाजा उन्हीं को वोट देंगे. वैसे कांग्रेस को भी उम्मीद है कि चूंकि इन चुनावों में कोई व्हिप नहीं होता, लिहाजा सांसद अपनी अंतरात्मा पर बेहतर उम्मीदवार का चयन करेंगे.

पिछले चुनाव में यूपीए के उम्मीदवार के तौर पर हामिद अंसारी 490 वोट पाकर विजयी हुए थे. वैसे अब तक सिर्फ चार बार उपराष्ट्रपति पद के लिए निर्विरोध भी चुनाव हुआ है. एस राधाकृष्णन 1952 और 1957, मोहम्मद हिदायतुल्ला 1979 और शंकर दयाल शर्मा 1987 में निर्विरोध इस पद के लिए निर्वाचित हुए थे.

(न्यूज़18 के लिए विक्रांत यादव की रिपोर्ट)

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
KUMBH: IT's MORE THAN A MELA

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi