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शी जिनपिंग ने किया पीएम मोदी का वेलकम, कल होगी दोनों नेताओं की मुलाकात

इससे पहले ब्रिक्स देशों ने 2014 में न्यू डिवेलपमेंट बैंक की स्थापना की थी. इस बैंक ने हाल ही में चीन, भारत और रूस में सस्टेनेबल डिवेलपमेंट प्रॉजेक्ट के लिए 1.4 अरब डॉलर का लोन देने की घोषणा की है

Bhasha Updated On: Sep 04, 2017 09:36 AM IST

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शी जिनपिंग ने किया पीएम मोदी का वेलकम, कल होगी दोनों नेताओं की मुलाकात

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9वें ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन के श्यामन पहुंच गए हैं. चीन पहुंचते ही मोदी ने वहां रह रहे प्रवासी भारतीयों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने बच्चों से हाथ भी मिलाया.

मोदी तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन से इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे. डोकलाम सीमा विवाद के समाधान के बाद मोदी व जिनपिंग की मुलाकात पर सबकी नजर रहेगी. इस विवाद के कारण दोनों देशों की सेनाएं दो महीने तक आमने-सामने रहीं.

इस साल दोनों नेताओं के बीच यह दूसरी द्विपक्षीय बैठक होगी. पिछली बैठक शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी.

दोनों नेताओं की अनौपचारिक बैठक डोकलाम संकट के बीच जुलाई में जर्मनी में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी.

व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की उम्मीद

इसके अतिरिक्त मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात की उम्मीद है. इस शिखर सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति जैकब जुमा भी भाग ले रहे हैं. भारतीय नेता ब्रिक्स नेताओं के साथ बिजनेस काउंसिल की बैठक को संबोधित करेंगे. वह मंगलवार की सुबह एक कार्यक्रम 'इमरजिंग मार्केट्स व डेवलपिंग कंट्रीज' के संवाद में भाग लेंगे. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद मोदी म्यांमार की यात्रा करेंगे.

भारत, ब्रिक्स सम्मेलन में आतंकवाद को लेकर अपनी चिंता रख सकता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इस संगठन को शांति एवं सुरक्षा को बनाए रखने में तथा वैश्विक चुनौतियों के समाधान में अहम योगदान देना है.

जिनपिंग का बयान

सम्मेलन से पहले अपने एक महत्वपूर्ण बयान में जिनपिंग ने कहा कि मतभेदों को दूर करने के दौरान एक दूसरे को समान समझना और सहमति के बिंदु ढूंढना ब्रिक्स की पांच उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग के लिए अहम हिस्सा है.

प्रधानमंत्री की यात्रा से पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार से जब पूछा गया था कि क्या मोदी और जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय भेंटवार्ता होगी तो उन्होंने कहा था कि बहुपक्षीय मंचों के मौके पर ऐसी बैठकें होना आम परिपाटी है.

जब उनसे चीन की इस टिप्पणी के बारे में पूछा गया कि ब्रिक्स सम्मेलन में पाकिस्तान के आतंकवाद निरोधक रिकॉर्ड की चर्चा करना उपयुक्त नहीं होगा, उन्होंनें कहा कि वो पहले से ये तय नहीं कर सकता कि मोदी सम्मेलन के सीमित और पूर्ण सत्र के दौरान क्या बोलें.

लेकिन प्रवक्ता ने कहा कि आतंकवाद का भारत का रुख बड़ा स्पष्ट रहा है और वो विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर ये मुद्दा उठाता रहा है.

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने सम्मेलन से पहले कहा था, 'हमने नोटिस किया कि जब भी पाकिस्तान का आतंकवाद निरोधक विषय आता है तो भारत की कुछ चिंता रहती है. मैं नहीं समझती कि ये ब्रिक्स सम्मेलन में चर्चा करने का उपयुक्त विषय है.' सूत्रों के हिसाब से भारत आतंकवाद को लेकर अपनी चिंता रख सकता है.

 मोदी के लिए ब्रिक्स का महत्व

शनिवार को मोदी ने एक बयान में कहा था, 'भारत ब्रिक्स की भूमिका को बहुत महत्व देता है जिसने प्रगति एवं शांति के लिए अपनी साझेदारी का दूसरा दशक शुरु किया है. ब्रिक्स को वैश्विक चुनौतियों के समाधान में तथा वैश्विक शांति एवं सुरक्षा अक्षुण्ण रखने में अहम योगदान देना है.' पिछले ब्रिक्स सम्मेलन में मोदी ने पाकिस्तान को वैश्विक आतंकवाद की जननी करार दिया. पिछला सम्मेलन भारत में हुआ था.

प्रधानमंत्री ने उसके लिए आतंकवाद के धनस्रोत, हथियार आपूर्ति, प्रशिक्षण एवं राजनीतिक समर्थन को व्यवस्थित ढंग से समाप्त करने जैसे निर्णायक कार्रवाई की मांग की थी और कहा था कि इस बुराई से निपटने की चुनिंदा पहल न केवल व्यर्थ बल्कि महंगा भी पड़ेगा.

प्रधानमंत्री ने ये भी कहा था कि वो पांच सितंबर को जिनपिंग की मेज़बानी में हो रहे उभरते बाज़ार एवं विकासशील देश वार्ता में ब्रिक्स के सहयोगियों समेत नौ अन्य देशों के नेताओं के साथ संवाद को लेकर आशान्वित हैं.

उन्होंने कहा, 'हम ब्रिक्स व्यापार परिषद के साथ भी संवाद करेंगे. इस परिषद का प्रतिनिधित्व सभी पांचों देशों के उद्योग जगत के प्रतिनिधि करेंगे.

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