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वीजा खर्च बढ़ा: कई नियमों में बदलाव से मुश्किल हुआ रास्ता

ब्रिटेन ने पिछले साल किया था ऐलान, 6 अप्रैल 2017 से हुआ लागू

Bhasha | Published On: Apr 06, 2017 06:11 PM IST | Updated On: Apr 06, 2017 06:19 PM IST

वीजा खर्च बढ़ा: कई नियमों में बदलाव से मुश्किल हुआ रास्ता

ब्रिटेन ने पिछले साल वीजा से जुड़ा जो फैसला लिया था, वह 6 अप्रैल 2017 से बढ़ गया है. इसका असर भारतीयों और यूरोपीयन यूनियन से बाहर रहने वाले नागरिकों पर होगा.

नए नियमों के तहत वीजा के टीयर 2 कैटेगरी में काफी बदलाव होने वाला है. ज्यादातर भारतीय और यूरोपीय यूनियन से बाहर के नागरिक इसी कैटेगरी के वीजा का इस्तेमाल करते हैं.

क्या है बदलाव?

यूके की कई कंपनियां यूरोपीय यूनियन से बाहर मसलन भारतीयों को नौकरी देती हैं. इनपर नए फैसले का बड़ा असर होगा.

इन कंपनियों को अब सालाना अतिरिक्त 1000 पौंड 'इमिग्रेशन स्किल्स चार्ज' पर खर्च करना होगा. पिछले साल मार्च में इसका ऐलान किया गया था.

नए नियमों के मुताबिक टियर2 वीजा के लिए आवेदन करने वाले लोगों को अब उन सभी देशों से क्रिमिनल रिकॉर्ड चेक सर्टिफि‍केट देना होगा, जहां वह पिछले 10 सालों में 12 माह से अधिक रहे हों.

इसके अलावा टियर2 इंट्रा-कंपनी ट्रांसफर (आईसीटी) वीजा के लिए प्रति व्‍यक्ति प्र‍ति वर्ष 200 पाउंड का सरचार्ज देना होगा.

कंपनियों की होगी जेब ढीली

टियर2 (जनरल) वर्कर के लिए यू‍के बेस्‍ड स्‍पॉन्‍सर मिनिमम सैलरी को भी बढ़ाकर 25,000 पाउंड से 30,000 पाउंड कर दिया गया है. टियर2 (आईसीटी) शॉर्ट टर्म स्‍टाफ कैटेगरी को बंद कर दिया गया है.

 

यूके ने केमिस्ट्री तो 'शॉर्टेज ऑक्यूपेशन' से हटा दिया है. यानी सिर्फ केमिस्ट्री पढ़ाने वाले लोग इस लिस्ट में नहीं होंगे. अगर कोई साइंस, कंप्यूटर साइंस और मैनड्रिन पढ़ाने वाले इस लिस्ट में होंगे.

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