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रूसी सूत्र से मुलाकात पर अब क्यों हो रहा है ट्रंप जूनियर को अफसोस

2016 में हिलेरी क्लिंटन के खिलाफ कुछ खुफिया जानकारी के लिए हुई थी ट्रंप जूनियर और रूसी अटॉर्नी की मुलाकात.

Bhasha | Published On: Jul 12, 2017 05:43 PM IST | Updated On: Jul 12, 2017 05:50 PM IST

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रूसी सूत्र से मुलाकात पर अब क्यों हो रहा है ट्रंप जूनियर को अफसोस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बड़े बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने यह स्वीकार किया है कि जब वह अपने पिता के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान जून 2016 में रूसी अटॉर्नी से मिले थे तो उस वक्त उन्होंने संभवत: कुछ चीजें अलग ढंग से की होतीं. क्रेमलिन से जुड़ी इस रूसी अटॉर्नी नतालिया वेसेलनितस्काया ने ट्रंप जूनियर को हिलेरी क्लिंटन से जुड़ी कुछ अहम जानकारी देने की बात की थी.

रूसी सूत्र के साथ हुई बैठकों के बारे में जानकारी साझा किए जाने के बाद इस तरह का उनका पहला बयान सामने आया है. ट्रंप जूनियर ने इस पूरी जानकारी को ‘इंटायर ईमेल चेन’ बताया है.

फॉक्स न्यूज की खबर के मुताबिक, ट्रंप जूनियर ने बताया है कि उनके पास आए एक मेल में सूत्र ने कहा था कि हिलेरी क्लिंटन के बारे में उसके पास ऐसी जानकारी है जो हिलेरी पर लगे आरोपों और रूस के साथ उनके संपर्कों को सही साबित करेगी और यह जानकारी उनके पिता के लिए काफी उपयोगी होगी.

पूर्व पत्रकार ने करवाई थी मीटिंग

ट्रंप जूनियर की म्यूजिक पबलिसिस्ट और पूर्व पत्रकार रॉब गोल्डस्टोन ने रूसी सूत्र और उनके बीच बैठक कराने में मध्यस्थ की भूमिका अदा की थी.

ट्रंप जूनियर ने अपने एक बयान में कहा कि गोल्डस्टोन के साथ उनकी बैठक नौ जून 2016 को हुई थी और पहला मेल तीन जून 2016 को आया था. ट्रंप जूनियर ने इस बैठक को कुछ खास नही बताते हुए कहा कि वास्तव में यह बैठक समय खराब करने जैसी और शर्मनाक थी.

टाइम्स के मुताबिक, ट्रंप जूनियर, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और तत्कालीन चुनाव प्रचार अध्यक्ष पॉल मानाफॉर्ट भी इस मीटिंग में शामिल हुए थे. मीटिंग में नतालिया ने बताया कि रूस से जुड़े कुछ लोग डेमोक्रेटिक नेशनल कमिटी को फंडिंग दे रहे हैं और वे लोग हिलरी क्लिंटन का समर्थन भी कर रहे हैं.

ट्रंप जूनियर और रॉब गोल्डस्टोन के बीच हुई बातचीत का हिस्सा.

ट्रंप जूनियर और रॉब गोल्डस्टोन के बीच हुई बातचीत का हिस्सा.

सूत्र ने नहीं दी काम की जानकारी

ट्रंप जूनियर ने इस मीटिंग के बारे में कहा, 'उसकी बातें स्पष्ट नहीं थीं और न ही उनका कोई तुक समझ आ रहा था. उसने जो आरोप लगाए थे, उनके समर्थन में न तो उसने कोई सबूत दिया और न ही इसकी पेशकश ही की. जल्द ही यह स्पष्ट हो गया कि उसके पास कोई सार्थक जानकारी नहीं है.'

दरअसल, अभी हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने ये बात स्वीकार की थी कि नवंबर में हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के कैंपेन के दौरान उनकी रूसी सूत्रों से मुलाकात हुई थी. इसके बाद उन्होंने ईमेल और सूत्र से हुई बातचीत सार्वजनिक की. इसके बाद से ही वाइट हाउस में हड़कंप मचा हुआ है.

ट्रंप ने अपने बेटे के इस कदम पर उनकी तारीफ की है. उन्होंने कहा कि ट्रंप जूनियर एक पारदर्शी, मासूम और ऊंचे दर्जे के इंसान हैं. उन्होंने अच्छा काम किया है. लेकिन इसके आगे ट्रंप ने फिर अपनी 'द ग्रेट पॉलिटिकल विचहंट' वाली बात दोहराई.

फिलहाल इस बात पर बहस चल रही है कि क्या कैंपेन के दौरान ऐसी मुलाकात कर ट्रंप जूनियर ने कोई कानून तोड़ा है?

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