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इजरायल में मोदी: प्रधानमंत्री के दौरे से भारत को क्या-क्या मिला?

प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल दौरे के अब तक के क्या परिणाम रहे यहां जानिए

Prabhakar Thakur | Published On: Jul 06, 2017 02:14 PM IST | Updated On: Jul 06, 2017 02:38 PM IST

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इजरायल में मोदी: प्रधानमंत्री के दौरे से भारत को क्या-क्या मिला?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा का गुरूवार को तीसरा दिन है. पिछले दो दिन में मोदी ने यहां कई कार्यक्रमों में शिरकत की और इजरायल के साथ कई समझौतों पर दस्तखत किए. इन दो दिनों में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हर कार्यक्रम में मोदी के साथ मौजूद रहे हैं. ऐसे में दोनों देशों के रिश्तों में गर्मजोशी साफ नजर आ रही है.

प्रधानमंत्री की इस यात्रा के बाद भारत-इजरायल के बीच अलग-अलग मुद्दों पर सहयोग बढ़ने की उम्मीद है.

कृषि में इजरायली तकनीक होगी फायदेमंद

कृषि के मामले में इजरायल ने उन्नत तकनीक का इस्तेमाल कर महारथ हासिल कर ली है. ऐसे में इस क्षेत्र में करीबी तालमेल भारतीय किसानों के लिए फायदेमंद होने की उम्मीद है. भारत बेहतर सिंचाई तकनीक, उच्च गुणवत्ता और ज्यादा मात्रा में उपज और बंजर जमीन को दोबारा खेती लायक बनाने की तकनीक आदि मुद्दों पर इजरायल से सहायता लेगा.

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दोनों देश तीन साल के कृषि विकास कार्यक्रम भारत-इजरायल डेवलपमेंट कोऑपरेशन के लिए राजी हो गए हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा कि बेहतर तालमेल से हमें 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी.

जल प्रबंधन है भविष्य की जरुरत

इजरायल ऐसे भू-भाग में स्थित है जहां पानी का संकट है. तकनीक के दम पर वहां पानी की दिक्कत नहीं होती है. भारत ने इजरायल से बेहतर जल प्रबंधन, रीसाइक्लिंग और समंदर के पानी का डीसेलिनेशन की तकनीक भी हासिल करेगा. साथ ही नदियों में प्रदूषण कम करने में भी इजरायल हमारी सहायता करेगा.

आने वाले दिनों में पानी की बढ़ती समस्या को देखते हुए यह बेहद महत्वपूर्ण है. इसके जरिए हमारा देश खुद को जल के मामले में आत्मनिर्भर रख सकेगा. जल संरक्षण और बेहतर तरीके से इस्तेमाल के लिए उत्तर प्रदेश जल निगम और इजरायल के जल मंत्रालय के बीच समझौता किया गया है.

अंतरिक्ष में और ऊंची होगी भारत की उड़ान

भारत अंतरिक्ष विज्ञान में लगातार नई ऊंचाइयां छू रहा है. भारत लगातार देसी और विदेशी सैटेलाइट लॉन्च कर रहा है. इसरो और इजरायली एयरोस्पेस के बीच इसके लिए तीन सहयोग समझौतों पर सहमति बनी है. मोदी ने खुद कहा कि भारत और इजरायल के बीच तालमेल जमीन और आसमान ही नहीं, अंतरिक्ष तक पहुंच चुका है.

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साइबर सुरक्षा में बेहतर तालमेल

साइबर सुरक्षा के मामले में भारत अधिक मजबूत नहीं माना जाता. दुनिया भर में लगातार बढ़ते साइबर हमलों के बीच इस मसले पर भी दोनों देश ज्यादा करीबी से काम करेंगे. यह सहयोग सरकारी ही नहीं प्राइवेट स्तर पर भी होगा. इसके लिए दोनों देशों के साइबर अथॉरिटी बातचीत करेंगे और साथ मिल कर काम करने की रूपरेखा तैयार करेंगे.

पीपल टू पीपल कॉन्टैक्ट

दो देशों के बीच रिश्तों को महज आर्थिक और रक्षा सहयोग के दायरे से आगे बढ़ा कर अधिक प्रगाढ़ बनाने में आम लोगों के बीच बेहतर संबंध स्थापित करना आवश्यक होता है. दोनों देशों के बीच पर्यटन को बढ़ावा देना भी प्रधानमंत्रियों के प्रेस रिलीज में शामिल था.

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मोदी ने इजरायल में भारतीय सांस्कृतिक केंद्र खोलने की भी घोषणा की. उन्होंने भारत में यहूदियों के योगदान की सराहना की. इसके अलावा नेतन्याहू ने भारतीय संस्कृति और योग की तारीफ की.

रक्षा समझौते रहे दौरे के मुख्य केंद्र

यह इलाका सहयोग के मुख्य मुद्दों में से एक था. दोनों देशों के बीच आगे से साथ मिल कर रक्षा तकनीक विकसित करने पर सहमति बनी. साथ ही इजरायल ने भारत को नई रक्षा तकनीक देने पर भी सहमति जताई. इसके अलावा 'मेक इन इंडिया' के तहत नए हथियार भारत में बनाने की दिशा में काम करने पर भी बातचीत हुई. अप्रैल के महीने में ही इजरायल के साथ 2 अरब डॉलर से ज्यादा का रक्षा समझौता हुआ था.

आतंकवाद से निपटने को इंटेलिजेंस साझा करेंगे

भारत और इजरायल दोनों ही आतंकवाद के शिकार रहे हैं. पिछले कई साल से इसने काफी पांव फैलाया है. इस मुद्दे पर बेहतर तालमेल दोनों देशों के हित में है. दोनों नेताओं ने आतंकवाद के हर रूप की निंदा की और इससे निपटने के लिए इंटेलिजेंस साझा करने पर भी सहमति बनी. हालांकि भारत ने 'हमास' या इजरायल ने पाकिस्तान या उसके द्वारा समर्थित आतंकियों का नाम लेने से परहेज किया. Modi in Israel

इजरायली विज्ञान और प्रौद्योगिकी से सीखेगा भारत

इजरायल विज्ञान और रिसर्च के मामले में दुनिया के अगली पंक्ति के देशों में शामिल है. इस इलाके में साझेदारी भारत को बड़ा फायदा पहुंचाएगी. इसके लिए 40 मिलियन डॉलर की राशि से भारत-इजरायल इंडस्ट्रियल रिसर्च और डेवलपमेंट और टेक्निकल इनोवेशन एंड इनोवेशन फंड की स्थापना की जाएगी.

इसके अलावा दोनों देशों ने 'बिग डेटा हेल्थकेयर एनालिटिक्स' के क्षेत्र में संयुक्त शोध का समर्थन किया है. साथ ही आपस में जुड़े हुए नए सेंटर ऑफ रिसर्च एक्सेलेंस की स्थापना करने पर भी सहमति बनी.

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