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सऊदी अरब: किंग सलमान ने भतीजे को बर्खास्त कर बेटे को बनाया युवराज

प्रिंस सलमान पहले से ही सऊदी के उप प्रधानमंत्री हैं उन्होंने कुछ महीनों में कई आधिकारिक विदेश दौरे किए हैं

Bhasha Updated On: Jun 21, 2017 02:12 PM IST

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सऊदी अरब: किंग सलमान ने भतीजे को बर्खास्त कर बेटे को बनाया युवराज

सऊदी अरब के सुल्तान सलमान ने अपने भतीजे मुहम्मद बिन नायेफ को हटाकर अपने बेटे मुहम्मद बिन सलमान को उत्तराधिकारी घोषित कर दिया है. इसका मतलब यह है कि अपने पिता के बाद अब प्रिंस सलमान सऊदी की गद्दी पर बैठेंगे.

सरकारी संवाद समिति सऊदी प्रेस एजेंसी द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि शाह सलमान ने प्रिंस मोहम्मद बिन नायेफ को युवराज और गृह मंत्री के पद से हटा दिया. साथ ही किंग सलमान द्वारा अपने 31 साल बेटे सलमान को उत्तराधिकारी बनाने के फैसले की जानकारी सार्वजनिक की गई.

प्रिंस सलमान पहले से ही सऊदी अरब के उप प्रधानमंत्री हैं. साथ ही, वह सऊदी अरब के रक्षा मंत्री भी हैं. पश्चिमी देशों में नायेफ की छवि काफी अच्छी मानी जाती है. अल-कायदा की चुनौती से निपटने के लिए उन्होंने जो प्रयास किए, उनकी पश्चिमी देशों में काफी सराहना हुई थी.

नए युवराज मोहम्मद बिन सलमान पहले से ही बहुत प्रभावशाली स्थिति में थे. वह रक्षा मंत्री और देश की अर्थव्यवस्था को नया आकार देने का काम कर रही आथर्कि परिषद के प्रमुख का दायित्व निभा रहे हैं.

मोहम्मद बिन सलमान इससे पहले उप युवराज की भूमिका में भी थे और सऊदी शाही व्यवस्था के जानकार पहले से ही इसकी अटकलें लगा रहे थे कि शाह सलमान के शासनकाल में ही 31 साल के मोहम्मद को देश के दूसरे सबसे महत्वपूर्ण पद पर आसीन किया जा सकता है.

जनवरी 2015 में सलमान के शाह बनने से पहले नए युवराज बहुत ज्यादा चर्चित नहीं थे. शाह सलमान के युवराज रहने के दौरान मोहम्मद उनकी रॉयल कोर्ट के प्रभारी थे.

शाह बनने के बाद सलमान ने अपने इस छोटे बेटे को एकाएक इतनी ताकत से नवाज दिया कि बहुत सारे लोग खासकर शाही परिवार में ही बहुत सारे लोग हैरान रह गए.

मोहम्मद बिन सलमान के पक्ष में बहुमत

शाही शासनादेश में कहा गया है कि युवराज का चयन करने वाली परिषद के वरिष्ठ शाही सदस्यों में बहुमत से मोम्मद बिन सलमान के पक्ष में फैसला किया. सऊदी अरब के सरकारी चैनल का कहना है कि परिषद के 34 सदस्यों में से 31 ने मोहम्मद बिन सलमान के पक्ष में वोट किया.

माना जा रहा है कि हाल ही में सऊदी अरब और यूएई के नेतृत्व में कतर को अलग-थलग करने का जो फैसला किया गया उसमें मोहम्मद बिन नायेफ की भूमिका नहीं थी. वह बहुत ज्यादा सक्रिय भी नजर नहीं आ रहे थे.

मोहम्मद बिन सलमान ने पिछले कुछ महीनों में कई आधिकारिक विदेश दौरे किए. इसमें मार्च महीने का अमेरिका दौरा सबसे अहम रहा. मोहम्मद बिन सलमान के इस दौरे से ट्रंप की सउदी अरब की यात्रा की बुनियाद पड़ी. राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने अपने पहले विदेश दौरे के लिए सऊदी अरब को चुना.

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