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रैनसमवेयर साइबर हमले में रूस नहीं अमेरिका का हाथ: पुतिन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दुनिया भर के देशों में साइबर हमले को लेकर कहा कि उनके देश का इससे कोई लेना-देना नहीं है

Bhasha Updated On: May 17, 2017 08:58 AM IST

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रैनसमवेयर साइबर हमले में रूस नहीं अमेरिका का हाथ: पुतिन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दुनिया भर के देशों में साइबर हमले को लेकर कहा कि उनके देश का इससे कोई लेना-देना नहीं है. उन्‍होंने इसका ठीकरा अमेरिका पर फोड़ा. पुतिन ने मूल साफ्टवेयर बनाने के लिए अमेरिकी गुप्तचर समुदाय की आलोचना की.

पुतिन ने कहा, 'जहां तक इन खतरों के स्रोत का सवाल है, माइक्रोसॉफ्ट नेतृत्व ने यह सीधे तौर पर कहा है कि वायरस का स्रोत अमेरिका की विशेष सेवाएं है.'

पुतिन ने माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ के ब्‍लॉग के संबंध में यह बयान दिया. स्मिथ ने अपने ब्‍लॉग में लिखा था कि अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी ने वह कोड विकसित किया था जिसका इस्तेमाल हमले में किया जा रहा है.

डेढ़ सौ से अधिक देशों में हजारों कम्प्यूटर वर्तमान में रैनसमवेयर हमले से प्रभावित हुए हैं. इस साइबर हमले से 150 से ज्यादा देशों में 2,00,000 इकाइयां प्रभावित हुई हैं. इसे अपने तरह का सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है.

अमेरिका ने बताया था रूस का हाथ 

अमेरिका ने पूर्व में रूस पर कई साइबर हमले करने का आरोप लगाया है. माइक्रोसॉफ्ट के XP जैसे पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) पर चलने वाले कंप्यूटर इस मालवेयर से सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं.

इसके प्रभावित होते ही कंप्यूटर की सभी फाइल लॉक हो जा रही हैं. इसकी पहचान सबसे पहले अमेरिकी खुफिया विभाग ने की.

साइबर अपराधी उपकरणों को ठीक करने के लिए 300 अमेरिकी डॉलर मूल्य की डिजिटल मुद्रा बिटक्वाइन की मांग कर रहे हैं. यह मालवेयर ई-मेल के जरिये फैलता है.

दुनिया भर में साइबर हमले के बाद भारत में कई एटीएम बंद कर दिए गए हैं. गृह मंत्रालय की एडवाजरी के बाद की ये कार्रवाई की गई है.

सूत्रों के मुताबिक, रैनसमवेयर के हमले से देश में कई महत्वपूर्ण संस्थानों में लगे एटीएम के प्रभावित होने की आशंका है, जिसके कारण गृह मंत्रालय ने एहतियातन उन्हें बंद करने का फैसला किया है.

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