S M L

अफगान के आतंकी संगठनों की मदद कर रहा पाकिस्तान: पेंटागन

'पाकिस्तान अफगान की स्थिति का फायदा उठाता है'

Bhasha | Published On: Jun 21, 2017 05:35 PM IST | Updated On: Jun 21, 2017 05:36 PM IST

0
अफगान के आतंकी संगठनों की मदद कर रहा पाकिस्तान: पेंटागन

डॉनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अपनी पहली अफगानिस्तान रिपोर्ट में पेंटागन ने कहा है कि तालिबान और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी संगठनों को पाकिस्तान सरकार में शामिल तत्वों से मदद मिल रही है.  भारत अफगानिस्तान का सबसे भरोसेमंद क्षेत्रीय सहयोगी है.

इकोनॉमिक टाइम्स ने बताया है कि पेंटागन ने इस रिपोर्ट में लिखा है, 'पाकिस्तान अपने इस कदम से अफगानिस्तान के परिणामों को अपने फायदे के तौर पर देखता है और भारत-केंद्रित क्षेत्रीय नीति के उद्देश्यों से प्रेरित है.'

रिपोर्ट में आगे लिखा है, 'हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने तहरीक-ए-तालिबान और हक्कानी नेटवर्क जैसे उग्रवादी संगठनों के कुछ ठिकाने नष्ट किए थे लेकिन ये संगठन अभी भी पाकिस्तान के बाहर और अंदर से काम कर रहे हैं.'

भारत है अफगानिस्तान का सबसे अहम सहयोगी

रिपोर्ट में भारत के लिए अच्छी खबर भी है. अब जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते अमेरिका दौरे पर जा रहे हैं, ऐसे में आतंक के खिलाफ भारत की लड़ाई को इस रिपोर्ट में शामिल करना भारत की स्थिति को मजबूत करता है.

रिपोर्ट में कहा गया है, 'भारत अफगान अधिकारियों और कर्मियों को प्रशिक्षण के जरूरी अवसर मुहैया करा रहा है. हर साल विभिन्न सैन्य अकादिमयों में हिस्सा लेने के लिए करीब 130 अफगान भारत आते हैं.'

पेंटागन ने कहा, 'भारत ने अफगान संसद भवन का निर्माण तथा अफगानिस्तान-भारत फ्रेंडशिप डैम (सलमा बांध) जैसी असैन्य विकास परियोजनाओं के लिए महत्त्वपूर्ण सहयोग दिया है.' दिसंबर, 2016 से लेकर मई, 2017 तक की अवधि में तैयार की गई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने सीमित सुरक्षा सहायता दी है जिसमें चार एमआई-35 हेलिकॉप्टर शामिल है.

भारत-अफगानिस्तान के संबंधों में लगातार आई है गर्माहट

मई, 2016 में भारत, ईरान और अफगानिस्तान ने चाबहार पोर्ट समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. यह समझौता मध्य-एशिया और यूरोप में नया व्यापार मार्ग खोलने की दिशा में महत्त्वपूर्ण है.

भारत के अफगानिस्तान के साथ नजदीकी संबंध हैं और दोनों ही पाकिस्तान पर अपनी-अपनी जमीनों पर आतंकवादी हमले रोकने के लिए कदम ना उठाने का आरोप लगाते रहे हैं.

भारत ने 1 अप्रैल, 2016 से 27 मार्च, 2017 के बीच अफगानिस्तान को 221 करोड़ रूपये की सहायता मुहैया कराई है.

पेंटागन ने रिपोर्ट में आगे कहा है, 'अफगानिस्तान में आतंकवाद को पाकिस्तान अपने फायदे के तौर पर देखता है और अपनी भारत केंद्रित विदेश नीति का पालन करता है.' करीब 100 पन्नों की इस रिपोर्ट में पाकिस्तान को अफगानिस्तान की स्थिरता पर असर डालने वाला सबसे बड़ा कारण बताया गया है.

'अफगानिस्तान में अशांति के जिम्मेदार समूहों को पाक का समर्थन'

पेंटागन का कहना है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सहयोग में बढ़ोतरी आतंकी समूहों पर दबाव बनाने के लिए महत्वपूर्ण है.

रिपोर्ट में कहा गया है, 'तालिबान और हक्कानी नेटवर्क को पाकिस्तान में पूरी छूट है और उन्हें पाकिस्तानी सरकार में मौजूद लोगों का समर्थन मिल रहा है.

पेंटागन की यह रिपोर्ट ऐसे समय पर आई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ पहली मुलाकात होने वाली है जिसमें आतंकवाद बहस के मुद्दों में शामिल होगा.

इसमें कहा गया है कि अफगानिस्तान में कम से कम 20 आतंकी संगठन सक्रिय हैं. यह दुनिया में आतंकी गुटों का सबसे बड़ा जमावड़ा है. उग्रवादियों, आतंकवादियों और अपराधियों के इन नेटवर्कों से अफगानिस्तान की स्थिरता को खतरा है.

पेंटागन का कहना है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सहयोग महत्वपूर्ण है ताकि आतंकी समूहों पर दबाव बन सके.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi