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पेरिस जलवायु समझौता: ट्रंप बोले डील से बस भारत-चीन का फायदा

ट्रंप ने दावा किया कि वर्तमान समझौते से भारत और चीन के हितों को फायदा होता है

FP Staff Updated On: Jun 02, 2017 12:53 PM IST

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पेरिस जलवायु समझौता: ट्रंप बोले डील से बस भारत-चीन का फायदा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को पेरिस जलवायु समझौते से अलग कर लिया है. इस तरह ग्लोबल वार्मिंग से मुकाबले में अंतरराष्ट्रीय प्रयासों से अमेरिका अलग हो गया.

ट्रंप ने वाइट हाउस के रोज गार्डन में कहा, 'हमारे नागरिकों के संरक्षण के अपने गंभीर कर्तव्यों को पूरा करने के लिए अमेरिका पेरिस जलवायु समझौते से हट जाएगा.' ट्रंप ने कहा कि वह चाहते हैं कि जलवायु परिवर्तन को लेकर पेरिस समझौते में अमेरिकी हितों के लिए एक उचित समझौता हो. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि वर्तमान समझौते से भारत और चीन के हितों को फायदा होता है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीन हाउस गैसों के पेरिस जलवायु समझौते से अलग होने की घोषणा करते हुए कहा कि इस समझौते में भारत और चीन जैसे देशों को अनुचित लाभ मिला है.  उनके इस फैसले की अंतरराष्ट्रीय नेताओं, कारोबारी समूहों और कार्यकर्ताओं ने तीखी आलोचना की है.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि यह समझौता अमेरिका के लिए अनुचित है और इससे कारोबार तथा रोजगार पर बुरा असर पड़ा है.

उन्होंने कहा कि भारत को पेरिस समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी करने के लिए अरबों डॉलर मिलेंगे और चीन के साथ वह आने वाले कुछ वर्षों में कोयले से संचालित बिजली संयंत्रों को दोगुना कर लेगा और अमेरिका पर वित्तीय बढ़त हासिल कर लेगा.

वाइट हाउस के रोज गार्डन से फैसले की घोषणा करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्हें 'पीट्सबर्ग का प्रतिनिधित्व करने के लिए निर्वाचित किया गया है न कि पेरिस का.'

मस्क ने छोड़ी सलाहकार परिषद

टेस्ला संस्थापक एलोन मस्क ने कहा कि वह विरोध में उद्योग पर वाइट हाउस की सलाहकार परिषद को छोड़ देंगे. मस्क ने ट्विटर पर कहा, 'मैं राष्ट्रपति परिषद छोड़ रहा हूं. जलवायु परिवर्तन वास्तविक है. पेरिस समझौते से हटना अमेरिका या विश्व के लिए अच्छा नहीं है.’

पेरिस जलवायु समझौते से अलग होने से अमेरिका दो देशों सीरिया और निकारागुआ की श्रेणी में शामिल हो गया है जिन्होंने 190 देशों की सहमति वाले इस समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए.

ट्रंप के एलान के कुछ ही देर बाद फ्रांस, जर्मनी और इटली की ओर से एक संयुक्त बयान आया जिसमें कहा गया कि पेरिस जलवायु समझौते 'अपरिवर्तनीय' है और इस पर दोबारा चर्चा नहीं होगी.

करीब 200 देशों के साथ 2015 में पेरिस में पर्यावरण संरक्षण को लेकर बेहद अहम समझौता हुआ था. भारत, चीन, कनाडा और यूरोपीय संघ ने पेरिस समझौते के तहत किए गए वादे पर टिके रहने की बात कही है.

ओबामा ने की आलोचना

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते से अमेरिका को अलग करने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले की निंदा की है. उन्होंने ट्रंप की आलोचना करते हुए आगाह किया कि समझौते का पालन न कर अमेरिका भविष्य की पीढ़ियों के भविष्य को खारिज करेगा.

यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जीन क्लॉड जंकेर ने ट्रंप के कदम को एक ‘गंभीर गलत फैसला’ करार दिया है.

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