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पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के आतंकी संगठनों से हैं संबंध: अमेरिका

अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के जनरल जोसेफ जोसेफ डनफोर्ड का ये बयान अमेरिकी वेबसाइट द हिल में छपा है.

FP Staff Updated On: Oct 04, 2017 02:40 PM IST

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पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के आतंकी संगठनों से हैं संबंध: अमेरिका

अमेरिका के एक टॉप मिलिट्री अधिकारी ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पर आरोप लगाया है कि उसके आतंकवादियों से संबंध हैं और वो अपनी विदेश नीति के तहत काम करता है. अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के जनरल जोसेफ जोसेफ डनफोर्ड का ये बयान अमेरिकी वेबसाइट द हिल में छपा है.

डनफोर्ड ने कहा, 'मेरा स्पष्ट रूप से मानना है कि आईएसआई के आतंकवादी संगठनों के साथ संबंध हैं और यह उसकी अपनी विदेश नीति है.' जोसेफ इस समय ज्वॉइंट चीफ ऑफ स्टॉफ के अध्यक्ष हैं. डनफोर्ड ने संसदीय सुनवाई के दौरान सीनेट की विदेश संबंधों की समिति के सवालों का जवाब दे रहे थे.

अब अमेरिका में उठी आवाजें

भारत और अफगानिस्तान वक्त-वक्त पर पाकिस्तान पर ये आरोप लगाते रहे हैं लेकिन अमेरिका की तरफ से पहली बार इतना कड़ा वार किया गया है.

वहीं रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने सीनेट आर्म्ड सर्विस कमेटी को बताया कि उन्हें अफगानिस्तान में पाकिस्तान के साथ काम करने की ज्यादा से ज्यादा कोशिश करनी चाहिए और यदि यह विफल हो जाती है तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस्लामाबाद से मदद पाने वाले आतंकवादी समूहों के खिलाफ आवश्यक कदम उठा सकते हैं.

ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के यह बयान ऐसे समय पर आए हैं जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ तीन दिवसीय दौरे पर वाशिंगटन पहुंचे हुए हैं.

ट्रंप पहले ही पाक को चेता चुके हैं

दुनिया भर में बढ़ते आतंक के खतरे पर मैटिस ने हाल ही में पाकिस्तान समेत आतंक को पनाह दे रहे देशों को चेतावनी दी थी कि आतंक को शरण देने वालों के खिलाफ बिल्कुल नरमी नहीं बरती जाएगी. मैटिस ने कहा था कि भारत और अमेरिका इस दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं. मैटिस ने ये बातें अपने भारत के दो दिवसीय दौरे पर बोला था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कुछ दिनों पर अपनी अफगानिस्तान नीति की घोषणा करते हुए पाकिस्तान की टेरर फंडिंग पर आलोचना की थी. उस वक्त पाकिस्तान को अमेरिका से मिलने वाली 350 मिलियन यूएस डॉलर की मदद भी रोक दी गई थी. मैटिस ने अपनी रक्षा रिपोर्ट में कहा था कि पाकिस्तान ने तालिबान के आतंकी समूह हक्कानी नेटवर्क को रोकने के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाए थे.

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