S M L

पाकिस्तान में आत्मघाती हमले का लंबा है इतिहास

कट्टरपंथी आतंकवादी जलसा-जुलूस और धार्मिक जगहों को भी निशाने बनाने से पीछे नहीं हटते

FP Staff | Published On: Feb 16, 2017 10:55 PM IST | Updated On: Feb 17, 2017 10:23 AM IST

0
पाकिस्तान में आत्मघाती हमले का लंबा है इतिहास

पाकिस्तान में आत्मघाती हमले का लंबा इतिहास है. सिंध से लेकर पंजाब सूबे तक और बलूचिस्तान से लेकर खैबर पख्तूनवा तक अशांत हैं. यहां आतंकवादी और तालिबान सुसाइड बम विस्फोट कर बेगुनाह नागरिकों को मौत की नींद सुलाते रहे हैं. कट्टरपंथी आतंकवादी जलसा और जुलूस के साथ-साथ धार्मिक जगहों को भी निशाने बनाने से पीछे नहीं हटते.

पाकिस्तान के डॉन अखबार के हवाले से पिछले कुछ समय में वहां हुए आत्मघाती हमले की घटनाएं इस तरह से हैं.

19 मार्च, 2005: पीर राखेल शाह, फतेहपुर

पीर राखेल शाह की दरगाह में हुए एक सुसाइड अटैक में कम से कम 35 लोग मारे गए थे और दर्जनों घायल हुए थे. ये दरगाह बलूचिस्तान प्रांत के झाल मागसी जिले के दूर-दराज के फतेहपुर गांव में है. मरने वालों में शिया और देवबंदी श्रद्धालु थे.

27 मई, 2005: बारी इमाम दरगाह, इस्लामाबाद

बारी इमाम दरगाह में हुए एक जोरदार धमाके में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई. जबकि, लगभग 100 श्रद्धालु घायल हो गए. ये धमाका मजलिस की भीड़ को निशाना बनाकर किया गया था. चश्मदीदों और सुरक्षाबलों ने बताया कि शिया और सुन्नी वर्ग के लगभग 8 से 10 हजार श्रद्धालु मजलिस में शामिल हो रहे थे जब दरम्याने कद के दाढ़ी रखे एक शख्स मंच ने के पास पहुंचकर खुद को उड़ा लिया.

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में आत्मघाती हमले में 80 की मौत, 250 से ज्यादा घायल

25 फरवरी, 2013: दरगाह गुलाम शाह गाजी, मारी

शिकारपुर के नजदीक मारी गांव में दरगाह गुलाम शाह गाजी में हुए एक बम हमले 3 लोगों की मौत हुई और 27 से ज्यादा घायल हुए थे.

21 जून 2014: बाबा नान्गे शाह दरगाह, इस्लामाबाद

दरगाह के बाहरी इलाके में एक धमाकेदार विस्फोट, जिससे कम से कम 61 लोग घायल हुए थे.

13 नवंबर 2016: शाह नोरानी दरगाह, खुजदार

बलूचिस्तान के खुजदार जिले में शाह नोरानी दरगाह में हुए बम धमाके में कम से कम 52 लोगों की मौत हुई और 102 से ज्यादा घायल हुए.

25 फरवरी, 2013: दरगाह गुलाम शाह गाजी, मारी

शिकारपुर के नजदीक मारी गांव में दरगाह गुलाम शाह गाजी में हुए एक बम हमले 3 लोगों की मौत हुई और 27 से ज्यादा घायल हुए थे.

21 जून 2014: बाबा नान्गे शाह दरगाह, इस्लामाबाद

दरगाह के बाहरी इलाके में एक धमाकेदार विस्फोट, जिससे कम से कम 61 लोग घायल हुए थे.

13 नवंबर 2016: शाह नोरानी दरगाह, खुजदार

बलूचिस्तान के खुजदार जिले में शाह नोरानी दरगाह में हुए बम धमाके में कम से कम 52 लोगों की मौत हुई और 102 से ज्यादा घायल हुए.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi