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पाकिस्तान ने जाधव को राजनयिक सहायता देने की अपील को 16 बार ठुकराई

कुलभूषण को अपना पक्ष रखने का मौका दिए बिना ही पाकिस्तान ने उसे फांसी की सजा सुना दी

FP Staff | Published On: May 10, 2017 11:44 PM IST | Updated On: May 10, 2017 11:44 PM IST

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पाकिस्तान ने जाधव को राजनयिक सहायता देने की अपील को 16 बार ठुकराई

इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) ने पाकिस्तान में कैद कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगा दी है. इस रोक के बाद पाकिस्तान ने भारत पर ध्यान भटकाने का आरोप लगाया.

इस मामले में भारत का कहना है कि भारत ने कुलभूषण को राजनयिक सहायता देने के लिए 16 बार पाकिस्तान से अपील की, लेकिन पाकिस्तान ने हर बार इनकार कर दिया.

कुलभूषण को अपना पक्ष रखने का मौका दिए बिना ही पाकिस्तान ने उसे फांसी की सजा सुना दी. भारत का कहना है कि जाधव की जान पर खतरे को देखते हुए भारत को आईसीजे का दरवाजा खटखटाना पड़ा.

पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने 10 अप्रैल को कुलभूषण जाधव को भारतीय जासूस बताते हुए उन्हें फांसी की सजा सुनाई थी.

पाकिस्तान ने भारत पर लगाया आरोप

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने बताया कि भारत ने मौखिक और कूटनीतिक तरीकों से जाधव को राजनयिक सहायता देने के लिए पाकिस्तान से 16 बार आग्रह किया, लेकिन पाक ने हर बार इनकार कर दिया. इस मामले में भारत ने पाकिस्तान से आरोप पत्र और अदालत के फैसले की कॉपी भी मांगी थी लेकिन इस पर पाक की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला.

पाकिस्तान द्वारा उचित जवाब नहीं मिलने के कारण भारत ने आईसीजे से संपर्क किया. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार रात जानकारी दी थी कि आईसीजे ने जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगा दी है.

वहीं पाकिस्तान ने आईसीजे के फैसले के बाद भारत पर आरोप लगाया है कि भारत पाकिस्तान में भारत प्रायोजित आतंकवाद से दुनिया का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है.

पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा एम आसिफ ने ट्वीट किया कि आईसीजे को भारत द्वारा लिखा गया पत्र पाकिस्तान में भारत प्रायोजित आतंकवाद से ध्यान हटाने की कोशिश है. उन्होंने लिखा कि पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जाधव को राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ अपराध में दोषी पाया है.

न्यूज़ 18 साभार

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