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पनामा गेट मामला: जांच टीम के सामने पेश हुए पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित जेआईटी पनामागेट मामले में पाक पीएम नवाज शरीफ और उनके परिवार की जांच कर रही है

Bhasha Updated On: Jun 15, 2017 04:55 PM IST

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पनामा गेट मामला: जांच टीम के सामने पेश हुए पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ गुरूवार को पनामा गेट घोटाला मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित जांच टीम के सामने हाजिर हुए. वह पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री हैं जो पद पर रहते हुए इस तरह के पैनल के सामने पेश हुए हैं.

पाकिस्तान की फेडरल न्यायिक अकादमी को अस्थाई तौर पर संयुक्त जांच दल (जेआईटी) सचिवालय में तब्दील कर दिया गया है जहां शरीफ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहुंचे. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक सचिवालय में चाक-चौबंद सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 2500 से अधिक सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है.

शरीफ के साथ उनके बड़े बेटे हुसैन नवाज, पंजाब के मुख्यमंत्री और उनके भाई शहबाज शरीफ और दामाद मोहम्मद सफदार मौजूद थे.

पार्टी कार्यकर्ताओ के समर्थन के बीच पहुंचे जेआईटी सचिवालय

पूछताछ के लिए सचिवालय में दाखिल होने से पहले शरीफ ने वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं का हाथ हिला कर अभिवादन किया और उनके नारों का जवाब भी दिया. इस दौरान पीएमएल-एन के समर्थक बड़ी संख्या में जेआईटी सचिवालय के आस-पास इकट्ठा हुए. उनके हाथों में पार्टी के झंडे थे और वे शरीफ के पक्ष में नारे लगा रहे थे.

इससे पहले शरीफ की बेटी मरियम नवाज ने न्यायिक अकादमी के लिए रवाना होने के पहले अपने पिता और उनके प्रमुख सहयोगियों की एक तस्वीर पोस्ट करके ट्वीट किया, 'आज का दिन ऐतिहासिक है जो आने वाले दिनों में दूसरों के लिए उदाहरण स्थापित करेगा.

'डॉन' अखबार ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि प्रधानमंत्री अकेले जांच दल के समक्ष हाजिर होंगे. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि जेआईटी कितनी देर तक उनसे पूछताछ करेगी. बुधवार को जेआईटी के अध्यक्ष वाजिद जिया ने शरीफ को मामले से जुड़े सभी कागजात लेकर छह सदस्यीय दल के सामने तलब किया था.

एससीओ सम्मलेन से लौटते ही दिया गया समन

शरीफ शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए कज़ाकिस्तान गए थे जहां से लौटने के बाद उन्हें समन जारी किया गया था.

सुप्रीम कोर्ट ने पनामा पेपर मामले में 20 अप्रैल को जेआईटी का गठन किया था और उसे प्रधानमंत्री, उनके बेटे और मामले से जुड़े किसी भी अन्य व्यक्ति से पूछताछ करने का अधिकार दिया था.

यह टीम नवाज शरीफ और उनके परिवार द्वारा कथित रूप से किये गए मनी लॉड्रिंग मामले की जांच कर रहा है जिसके जरिए लंदन के पॉश पार्क लेन इलाके में चार अपार्टमेंट खरीदे गए थे. शरीफ ने लगातार इन आरोपों से इनकार किया है. जेआईटी को 60 दिन में अपनी जांच पूरी करनी है.

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