S M L

...फिर चीन की चापलूसी में लग गया पाक मीडिया

पाकिस्तानी अखबार इस बात से गदगद है कि चीन ने कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान के रुख का समर्थन किया है

Seema Tanwar | Published On: May 15, 2017 08:27 AM IST | Updated On: May 15, 2017 08:27 AM IST

...फिर चीन की चापलूसी में लग गया पाक मीडिया

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ इन दिनों चीन के दौरे पर है. ऐसे में पाकिस्तानी उर्दू मीडिया को एक बार फिर चीन की शान में कसीदे पढ़ने का मौका मिला गया है. चीनी नेता भी जानते हैं कि पाकिस्तानियों को किस तरह खुश करना है. खासकर पाकिस्तानी अखबार इस बात से गदगद है कि चीन ने कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान के रुख का समर्थन किया है.

नवाज शरीफ चीन की महत्वाकांक्षी ‘वन बेल्ट वन रोड’ परियोजना पर होने वाले एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए बीजिंग गए हैं, जिसमें रूस और तुर्की समेत 27 देशों के नेता हिस्सा ले रहे हैं. लेकिन नवाज शरीफ तो पूरे लाव लश्कर के साथ गए हैं जिसमें पाकिस्तान के चारों प्रांतों के मुख्यमंत्रियों और बड़ी तादाद में सरकारी अफसर शामिल हैं.

वैसे भी भारत, अफगानिस्तान और ईरान से आए दिन खरी खोटी सुनने वाले पाकिस्तान को चीन का ही तो सहारा है, जिसके साथ दोस्ती को पाकिस्तानी लोग ‘हिमालय से ऊंची, समंदर से गहरी और शहद से मीठी’ बताते हैं. चीन ने भी पिछले छह दशकों से पाकिस्तान का हर कदम पर साथ दिया है और हाल में आर्थिक कोरिडोर परियोजना के तहत 56 अरब डॉलर का निवेश भी किया है.

Prime Minister Nawaz Sharif of Pakistan removes his eyeglasses after addressing the United Nations General Assembly in New York

ड्रैगन की मेहरबानियां

‘नवा ए वक्त’ लिखता है कि नवाज शरीफ ने शनिवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली खछियांग से अलग-अलग मुलाकातें की और दोनों ही नेताओं ने कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान के रुख का खुला समर्थन किया है.

अखबार लिखता है कि इस समय पाकिस्तान को ‘अपने स्थायी मक्कार दुश्मन’ भारत की साजिशों के कारण सुरक्षा खतरों और गंभीर ऊर्जा संकट के चलते जिन चुनौतियों का सामना कर पड़ रहा है, उन्हें देखते हुए चीन की मेहरबानियां बहुत मायने रखती हैं.

अखबार लिखता है कि चीन ने पहले भी न सिर्फ कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ दिया है, बल्कि वीटो पावर का इस्तेमाल करते हुए सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता को नामुमकिन बनाया है.

इसके अलावा अखबार यह भी जिक्र करता है कि कैसे चीन ने एनएसजी की सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी में यह कहते हुए अड़ंगा लगाया कि फिर तो पाकिस्तान को भी इसका सदस्य बनाया जाए.

XiJinping_Modi_Nawaz

खुशहाली और सुरक्षा चिंताएं

‘औसाफ’ लिखता है कि चीन ने भारतीय नेतृत्व को साफ बता दिया है कि वह हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान का बिना शर्त समर्थन करेगा और अपने मित्र देश पाकिस्तान के खिलाफ किसी बात को स्वीकार नहीं करेगा.

अखबार की राय में चीन ने मुश्किल की हर घड़ी में पाकिस्तान की न सिर्फ भरपूर आर्थिक मदद की है, बल्कि भारत की तरफ से पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाए जाने वाले कदमों को वीटो पावर से बेअसर किया और कभी भी पाकिस्तान की कीमत पर भारत के साथ रिश्तों को आगे नहीं बढ़ाया है.

अखबार ने चीन-पाक आर्थिक कोरिडोर परियोजना की तारीफ करते हुए लिखा है कि चीन के 56 अरब डॉलर के निवेश से पाकिस्तान में बेरोजगारी में कमी आएगी और मुल्क खुशहाल होगा.

रोजनामा ‘दुनिया’ ने ग्वादर में शनिवार को अज्ञात लोगों की फायरिंग में 10 मजदूरों की मौत पर संपादकीय लिखा है. अखबार कहता है कि अभी तक किसी गुट ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन अतीत में प्रतिबंधित हथियाबंद बलोच संगठन सरकारी संपत्ति और अन्य सूबों से बलूचिस्तान में आकर बसने और काम करने वालों पर हमले करते रहे हैं.

अखबार लिखता है कि आर्थिक कोरिडोर परियोजना से ग्वादर एक ऐसा अहम मुकाम बन जाएगा जिसकी तमन्ना दुनिया के बहुत देश करते हैं. अखबार के मुताबिक यही वजह है कि यह परियोजना न सिर्फ भारत और अमेरिका को, बल्कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों को भी हजम नहीं हो रही है क्योंकि इसके बाद पाकिस्तान उनके चंगुल से निकल जाएगा.

लेकिन शनिवार के हमले के मद्देनजर अखबार कहता है कि सरकार को सुरक्षा हालात बेहतर बनाने के लिए और कदम उठाने होंगे ताकि आगे ऐसी घटनाएं होने से रोकी जा सकें.

pakistan flag

तस्वीर: प्रतीकात्मक

आईएस के खिलाफ एकजुट

रोजनामा ‘इंसाफ’ का संपादकीय है- अमेरिका, अफगानिस्तान और पाकिस्तान का इस्लामिक स्टेट के खिलाफ ऑपरेशन का फैसला. रावलपिंडी में पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय में तीनों देशों के सैन्य अधिकारियों की बैठक में हुई इस सहमति को अखबार ने बेहद अहम बताया और लिखा है कि इससे आईएस से जुड़े लोगों के इर्द गिर्द घेरा तंग होगा.

पिछले दिनों पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर दोनों देशों के बीच हुई सैन्य झड़प के बाद टू स्टार स्तर की इस बैठक की अहमियत और भी बढ़ जाती है. अखबार के मुताबिक पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने जहां सैन्य सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया, वहीं सरहद पर फायरिंग समेत किसी भी तनाव पैदा करने वाली घटना की रोकथाम पर भी विचार विमर्श किया.

इसी बैठक पर अपने संपादकीय में रोजनामा ‘एक्सप्रेस’ लिखता है कि सीरिया, इराक और यमन की स्थिति में अगर कोई बड़ी तब्दीली आई तो आईएस और जिहादी तत्व मिलकर कोई नया मैदान ए जंग तलाशने की कोशिश करेंगे, इसलिए खबरदार रहने की जरूरत है कि कहीं यह मैदान ए जंग हमारा इलाका ही न बन जाए.

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi