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उत्तर कोरिया और अमेरिका के युद्ध में नहीं जीतेगा कोई, परमाणु बम धरती को बना डालेंगे ‘लाल ग्रह’

उत्तर कोरिया की परमाणु धमकी सियोल और टोक्यो से आगे निकलती हुई लॉस एंजेल्स और मैनहटन तक जा पहुंची है

Kinshuk Praval Kinshuk Praval Updated On: Sep 26, 2017 09:57 PM IST

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उत्तर कोरिया और अमेरिका के युद्ध में नहीं जीतेगा कोई, परमाणु बम धरती को बना डालेंगे ‘लाल ग्रह’

उत्तर कोरिया ने जब हाइड्रोजन बम का धमाका किया तो उसे अमेरिका के लिए ‘गिफ्ट पैकेज’ बताया. साथ ही ये भी कहा कि आगे भी वो अमेरिका को ‘गिफ्ट पैकेज’ देता रहेगा. उत्तर कोरिया के इसी 'गिफ्ट पैकेज' की वजह से कोरियाई प्रायद्वीप पर युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं. एक चिंगारी का भड़कना ही बारूद के शोलों का गुबार पैदा करने के लिए काफी हो सकता है.

अब उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री योंग हो के बयान के बाद दुनिया ये मनाए कि अमेरिका शांत रहे और उत्तर कोरिया फिर कोई उकसावे वाली कार्रवाई न करे. दरअसल अमेरिका की ही ज़मीन से उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री ने युद्ध की ललकार लगाई है. री योंग हो ने कहा कि उत्तर कोरिया की हवाई सीमा में अगर अमेरिकी लड़ाकू विमान घुसे तो उन्हें मार गिराया जाएगा. री योंग हो ने अमेरिका पर युद्ध की घोषणा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब युद्ध के ऐलान के बाद उत्तर कोरिया अपनी रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई को तैयार है.

जाहिर तौर पर उत्तरी कोरिया का ये आक्रमक रुख अमेरिका के तीखे तेवरों से ज्यादा खतरनाक है. हालांकि दूसरी तरफ व्हाइट हाउस प्रशासन ने उत्तर कोरिया के साथ युद्ध की किसी भी तरह की घोषणा को बेतुका बताया है. अमेरिका ने उत्तर कोरिया के खिलाफ युद्ध की घोषणा को सिरे से खारिज़ किया है. इसके बावजूद अमेरिकी बमवर्षक विमानों को मार गिराने की उत्तर कोरिया की नई धमकी अमेरिका को उकसाने के लिए काफी हो सकती है.

दरअसल जापान के ऊपर से दूसरी मिसाइल दागने के बाद अमेरिका के बमवर्षक विमानों ने उत्तर कोरिया के ऊपर से उड़ान भरी थी. इशारा साफ था कि दोबारा उत्तर कोरिया अगर ऐसी हिमाकत करेगा तो अमेरिकी विमान बम बरसाने में देर नहीं करेंगे. लेकिन अब उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राष्ट्रपति की चेतावनी को युद्ध का एलान करार दिया है.

पूरी दुनिया होगी परमाणु आतिशबाजी की शिकार!

दोनों देशों के आरोप-प्रत्यारोपों से चीन भी उकता गया. चीन ने दोनों ही देशों को आगाह करते हुए कहा है कि अगर कोरियाई प्रायद्वीप पर युद्ध भड़का तो इसमें जीत किसी की नहीं हो सकेगी.

दुनिया के किसी भी हिस्से में मिसाइल गिराने की ताकत और तकनीक रखने वाले अमेरिका के लिये नॉर्थ कोरिया अब बड़ा सिरदर्द बन चुका है. उसकी मिसाइलों की रेंज और परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता की वजह से ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्थ कोरिया को अमेरिका के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया था

जाहिर तौर पर चीन युद्ध की विभिषिका का वो चरम देख रहा है जो कभी मशहूर वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने देखा था. उत्तर कोरिया की ताकत और सनक से चीन पूरी तरह वाकिफ है. चीन ये भी बेहतर जानता है कि हार की सूरत में उत्तर कोरिया परमाणु हथियारों का जमकर इस्तेमाल करेगा. ऐसे में कोरियाई प्रायद्वीप पर युद्ध न सिर्फ विश्वयुद्ध की शक्ल में बदलेगा बल्कि पूरी दुनिया परमाणु हथियारों की आतिशबाजी का शिकार भी बन सकती है.

अब चिंता अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच शुरू होने वाले परमाणु युद्ध की होनी चाहिए. क्योंकि दोनों के बीच युद्ध होगा या नहीं, ये सवाल शायद पीछे छूटता जा रहा है.

अमेरिका ने उत्तर कोरिया के साथ मनोवैज्ञानिक युद्ध बहुत पहले ही छेड़ दिया है. उसने अपनी परमाणु पनडुब्बी ‘यूएसएस मिशिगन’ को दक्षिण कोरिया के बुसान तट पर तैनात कर रखा है तो विमानवाहक युद्धपोत यूएसएस कार्ल विंसन हमलावर बेड़ा उत्तर कोरिया के नजदीक पहुंचा चुका है. जापान और दक्षिण कोरिया के साथ अमेरिका का युद्ध अभ्यास उत्तर कोरिया को चिढ़ाने का काम कर ही रहा है.

लेकिन अमेरिका भी ये जानता है कि दुनिया के नक्शे में छोटा सा दिखने वाला यह देश अकेला नहीं है. उत्तर कोरिया को रूस और चीन का समर्थन हासिल है. भले ही चीन ने उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबिंध पर मुहर लगाई है लेकिन वो प्रायद्वीप में युद्ध के खिलाफ है. उधर रूस ने भी साफ शब्दों में अमेरिका को नसीहत दे दी है कि कोई भी देश अपनी ताकत के दम पर किसी दूसरे देश को मिटा नहीं सकता.

Donald-Trump-North-Korea

आज उत्तर कोरिया के परमाणु संपन्न होने के पीछे रूस और चीन के ही वैज्ञानिकों की मेहनत छिपी है जबकि पाकिस्तान ने परमाणु तस्करी के जरिए बाकी काम पूरा कर दिया था. आज इन तीन मुल्कों की ही वजह से उत्तर कोरिया अमेरिका को मिटा देने की धमकी देने के काबिल बन गया है. अब उसकी परमाणु धमकी सियोल और टोक्यो से आगे निकलती हुई लॉस एंजेल्स और मैनहैटन तक जा पहुंची है.

उत्तर कोरिया की परमाणु ताकत कई गुना बढ़ी

पिछले 11 साल में उत्तर कोरिया ने खुद की परमाणु ताकत में कई गुना इज़ाफ़ा किया है. साल 2006 में पहला परीक्षण करने के बाद जब उसने 3 सितंबर, 2017 को छठा परमाणु परीक्षण करते हुए हाइड्रोजन बम का धमाका किया तो उसकी विस्फोटक क्षमता 60 टन के करीब आंकी गई. ये अकेला बम कई शहरों को जला कर खाक करने की ताकत रखता है. लेकिन ऐसा नहीं होगा कि युद्ध में सिर्फ अमेरिका या फिर उत्तर कोरिया ही परमाणु बम का इस्तेमाल करेंगे.

अगर युद्ध भड़का तो विश्वयुद्ध को टाला नहीं जा सकेगा. विश्वयुद्ध हुआ तो धरती के महाविनाश को नहीं टाला जा सकेगा. दुनिया के परमाणु संपन्न देशों के पास इतने परमाणु बम बन चुके हैं जिनसे एक बार नहीं बल्कि हजारों बार धरती को तबाह किया जा सकता है. उत्तर कोरिया ने कहा है कि ‘पूरी दुनिया को ये याद रखना चाहिए कि पहले अमेरिका ने हमारे देश के खिलाफ युद्ध का एलान किया था’.

सोचने वाली बात ये है कि अगर ये जंग परमाणु युद्ध में बदली तो दुनिया की आबादी का कितना प्रतिशत हिस्सा उत्तर कोरिया की इस बात को याद रखने के लिए बचेगा क्योंकि परमाणु युद्ध होने के बाद धरती इस कदर आग के शोले में तब्दील हो चुकी होगी कि उसके और लाल ग्रह कहलाने वाले बंजर मंगल ग्रह में कोई फर्क नहीं बचेगा.

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