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पीएम मोदी ने भारतीयता के मायने बदले: निदरलैंड से एक एनआरआई इंजीनियर

निदरलैंड में पीएम मोदी के भाषण के दौरान मौजूद रहे एक इंजीनियर की आंखों देखी

FP Staff Updated On: Jun 30, 2017 02:50 AM IST

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पीएम मोदी ने भारतीयता के मायने बदले: निदरलैंड से एक एनआरआई इंजीनियर

अविस्मरणीय...अद्भुत...अतुल्य

कौन बनेगा करोड़पति में भारतीय सिनेमा के महानतम कलाकार अमिताभ बच्चन के द्वारा बोले गए इन शब्दों  की उपमा पीएम मोदी की हेग में मौजूदगी को दी जा सकती है. निदरलैंड में मौजूद भारतीय लोगों को नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा के लिए निश्चिंतता दी है.

करीब तीन हजार लोगों का जनसमूह जब एक विदेशी धरती पर अपने किसी नेता को सुनने आता है तो उसके मन में बहुत सारी अभिलाषाएं होती हैं. शायद अपने देश में रहते हुए किसी को ये बात न समझ में आए कि एक मजबूत नेता पीएम होना विदेशों में आपकी जिंदगी पर क्या असर डालता है?

मैंने पहले भी नरेंद्र मोदी का भाषण कई बार सुना है. उनके संबोधनों में एक खास बात ये होती है कि वो जिस जगह भाषण दे रहे होते हैं वहां कि पारंपरिक बात से लोगों को जोड़ते हैं. हेग भी भी यही हुआ. अपने चिर परिचित अंदाज में उन्होंने निदरलैंड में मौजूद सूरीनाम मूल के भारतीय प्रवासी लोगों से अपने भाषण में संपर्क साधा. सूरीनामी लोग मूलतः भारत से करीब 150 वर्ष पूर्व निदरलैंड और सूरीनाम में प्रवासित हुए थे.

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पीएम ने जहां एक तरफ लोगों को उनकी जड़ों और भारत वर्ष की अभूतपूर्व संस्कृति की याद दिलाई वहीं उनको ये भी एहसास कराया कि किस तरह वो भारतीया वैश्विक व्यवस्था का हिस्सा हैं.

हॉल में मौजूद लोग हर कुछ देर बाद तालियां बजाकर ये बता रहे थे उन्हें अपने देश से हजारों किलोमीटर दूर अपने पीएम को पास देखकर कितनी खुशी होती है.

जब आपके देश का कोई नेता विदेश में आकर आपसे स्नेह दिखाता है तो नेता कीऔर कम अभिभावक की छवि ज्यादा दिखाई देती है.

पीएम ने अपनी सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियों जैसे महिलाओं के अधिकार, जन धन, मुद्रा योजना इत्यादि से लोगों को परिचित कराया. महिलाओं के योगदान पर मोदी का विशेष उल्लेख किया. युद्ध हो या इंडियन स्पेस रिसर्च या फिर खेती-बाड़ी, हर बात का उन्होंने बड़ी बारीकी से जिक्र किया.

कहने को तो यह विषय बहुत घिसे-पिटे हैं पर लोगों का मोदी में जो विश्वास देखने को मिला जिसमें एक उम्मीद भी छुपी हुई थी. जब मोदी ने लोगों को बताया कि भारत अब एक मात्र एक ऐसा देश बन गया है जहां महिलाओं 26 हफ्ते की प्रसूति अवकाश मिलता है (पुराने सरकारी नियम के अनुसार यह अवधि 16 हफ्ते थी). मोदी के ऐसा कहते हैं हॉल में मौजूद महिलाओं ने जमकर तालियां बजाईं.

मोदी जी ने अपने भाषण में और भी कई विषयों को उठाया जैसे प्रवासी भारतीय कार्ड और उसका लोगों के द्वारा कम इस्तेमाल.

भाषण के बाद जब लोग हॉल से बाहर जाने लगे तो कई लोग मोदी की भाषणकला का बखान कर रहे थे तो कुछ लोग कह रहे थे कि मोदी ने भारतीयता के मायनों को बदला है. विदेशों में मौजूद लोगों को ये विश्वास दिलाया है कि आप काम कीजिए, हम आपके पीछे मजबूती के साथ खड़े हैं.

(अंकित प्रधान निदरलैंड में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और पीएम के भाषण के दौरान वहां मौजूद थे)

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