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पीएम मोदी ने नेतन्याहू के भाई की 41 साल पुरानी शहादत को सराहा

योनी नेतन्याहू ठीक 41 साल पहले उंगाडा में इजरायली बंधकों की जिंदगी को बचाने के दौरान मारे गए थे

Bhasha | Published On: Jul 04, 2017 10:18 PM IST | Updated On: Jul 04, 2017 10:18 PM IST

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पीएम मोदी ने नेतन्याहू के भाई की 41 साल पुरानी शहादत को सराहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इजरायल के अपने समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के बड़े भाई के बलिदान की सराहना की जो ठीक 41 साल पहले उंगाडा में इजरायली बंधकों की जिंदगी को बचाने के दौरान मारे गए थे.

मोदी ने बेन गुरियन हवाई अड्डे पर यहां कहा, 'आज चार जुलाई है. एंटबी ऑपरेशन का ठीक 41 साल. उस दिन, आपके प्रधानमंत्री और मेरे मित्र बीबी ने अपने बड़े भाई योनातान को खो दिया था जो बंधकों की जान बचाते हुए मारे गए थे.' जब मोदी ने इस घटना को याद किया तो नेतन्याहू शांत भाव से सुन रहे थे.

क्या था ऑपरेशन एंटबी?

उगांडा में 1976 में एंटबी एयरपोर्ट पर रखे गए बंधकों को छुड़ाने के लिए चलाए गए 'ऑपरेशन एंटबी' के दौरान लेफ्टिनेंट कर्नल योनातान (योनी) नेतन्याहू इजरायली रक्षा बलों की एलीट कमांडो यूनिट सेरेत मत्काल की कमान संभाल रहे थे.

तेल अबीव से पेरिस की एयर फ्रांस की फ्लाइट का अपहरण कर लिया गया था और इसका मार्ग बदल कर इसे एंटबी एयरपोर्ट पर ले जाया गया था. योनी की कमांड में एक आपरेशन चलाया गया जिसमें सभी सातों अपहरणकर्ता मारे गए. तीन बंधक भी इस दौरान मारे गए.

यह मिशन काफी सफल रहा जिसमें 106 में से 102 बंधकों को बचा लिया गया लेकिन योनी नेतन्याहू इस कार्रवाई के दौरान मारे गए. वह इजरायली सुरक्षा बलों की ओर से शहीद होने वाले एकमात्र रक्षा अधिकारी थे.

आपरेशन एंटबी का नाम बदलकर बाद में उनके सम्मान में 'आपरेशन योनातन' रखा गया.

मोदी ने नेतन्याहू से कहा, 'आपके नायक युवा पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं.' प्रधानमंत्री नेतन्याहू भी सेरेत मत्काल के सदस्य रहे हैं.

यहूदी राष्ट्र की यात्रा करने वाले मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं जो यहां मंगलवार को इस देश के दौरे पर पहुंचे हैं.

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