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इजराइली लेखक की किताब 'अ हॉर्स वॉक्स इनटू अ बार' को मिला मैन बुकर प्राइज

स्टैंड-अप कॉमेडियन की कहानी है 'अ हॉर्स वॉक्स इनटू अ बार'.

IANS | Published On: Jun 15, 2017 05:57 PM IST | Updated On: Jun 15, 2017 05:59 PM IST

इजराइली लेखक की किताब 'अ हॉर्स वॉक्स इनटू अ बार' को मिला मैन बुकर प्राइज

इजरायली लेखक डेविड ग्रॉसमैन (63) ने अपने नवीनतम उपन्यास 'ए हार्स वॉक्स इनटू ए बार' के लिए लंदन में 2017 का प्रतिष्ठित मैन बुकर इंटरनेशनल अवॉर्ड जीता है.

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, 'ग्रॉसमैन ने बुधवार की रात अपने सहयोगी अमोस ओज और पुरस्कार के चार अन्य दावेदारों को हराया, जिसे विदेशी भाषा के उपन्यास लेखकों को अंग्रेजी में अनुवादित करने के लिए सम्मानित किया जाता है.

पुरस्कार की 50,000 पाउंड (41 लाख 21 हजार 200 रुपयों) की राशि का विभाजन बराबर रूप से ग्रॉसमैन और उपन्यास की अनुवादक जेसिका कोहेन में किया जाएगा.

उपन्यास एक स्टैंडअप कॉमेडियन के इर्द-गिर्द घूमता है. वह अपने स्थानीय क्लब में अंतिम शो में जीवन के एक दर्दनाक क्षण से रूबरू कराता है. इसके निर्णायकों ने उपन्यास के महत्वाकांक्षी उच्च कसौटी के काम की तारीफ की.

अवॉर्ड पैनल के अध्यक्ष निक बारली ने कहा कि पुस्तक भावुकता के किसी संकेत के बिना दुख के प्रभाव को उजागर करती है. उन्होंने कहा, 'हम ग्रॉसमैन की भावनात्मक और साथ ही साथ विशेष तरीके के लिए गए जोखिमों, हर वाक्य से प्रभावित हैं.'

ग्रॉसमैन का जन्म जेरुसलम 1954 में हुआ. उन्होंने अपना करियर एक पत्रकार के तौर पर शुरू किया था. उन्हें सार्वजिनिक रेडियो से इजरायल के आलोचनात्मक कवरेज करने पर नौकरी से निकाल दिया गया था.

ग्रॉसमैन 1970 से साहित्य रचना कर रहे हैं। उनके कार्यो में 'द जिगजैग किड', 'सी अंडर: लव' और 'द बुक ऑफ इंटीमेट ग्रामर' का 40 से ज्यादा भाषाओं में अनुवाद किया गया है.

ग्रॉसमैन फिलीस्तीनी क्षेत्र में इजरायल के कब्जे के विरोध में और शांति प्रक्रिया के लिए उनके समर्थन के लिए जाना जाता है. उनके पुत्र उरी की 2006 में इजरायल-हेजबोल्लाह संघर्ष में कर दी गई थी.

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