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कश्मीर पर 'दोहरे रवैया' से शरीफ करेंगे यूएन प्रोग्राम का बॉयकाट!

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री 21 सितंबर को संयुक्त राष्ट्रसंघ द्वारा ‘शांति को बढ़ावा’ देने के लिए आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले सकते हैं

FP Staff | Published On: Jul 04, 2017 07:20 PM IST | Updated On: Jul 04, 2017 09:42 PM IST

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कश्मीर पर 'दोहरे रवैया' से शरीफ करेंगे यूएन प्रोग्राम का बॉयकाट!

पाकिस्तान के अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री 21 सितंबर को संयुक्त राष्ट्रसंघ द्वारा ‘शांति को बढ़ावा’ देने के लिए आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले सकते हैं. पाकिस्तानी अखबार ने नवाज शरीफ के ऑफिस के सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है.

सूत्रों ने पाकिस्तानी अखबार ने कहा है कि शरीफ ने यह फैसला संयुक्त राष्ट्र द्वारा कश्मीर के मुद्दे पर अपनाए जा रहे ‘दोहरे मानदंड’ के खिलाफ लिया है. सूत्रों ने कहा है कि जब यूएन शांति की बात कर रहा है तो यह जरूरी है कि वो कश्मीरियों पर होने वाले अत्याचारों के बारे में बोले और घाटी में भारत द्वारा फैलाए जा रहे ‘आतंकवाद’ को रोके.’

यूएन ने हमेशा कश्मीर को भारत और पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मुद्दा माना है और वह हमेशा इस बात पर जोर देता रहा है कि दोनों देश आपसी बातचीत द्वारा कश्मीर की समस्या का समाधान करें. जब सूत्रों से यह पूछा गया कि यूएन यह नीति ‘दोहरी’ कैसे है? तो इसका जवाब देते हुए कहा गया कि ‘यूएन का व्यवहार दोहरे मानदंड वाला है. इस क्षेत्र में बिना यह माने शांति नहीं कायम की जा सकती कि भारत कश्मीर में आतंकवाद फैला रहा है.’

सलाहुद्दीन को 'ग्लोबल टेररिस्ट' कहने से भी पाक नाराज 

पाकिस्तान द्वारा कश्मीर पर बनाए विशेष संसदीय समिति के चेयरमैन मौलाना फजलुर रहमान ने ट्रिब्यून से कहा कि उन्होंने शरीफ से कश्मीर के मुद्दे पर ‘कड़े कदम’ उठाने के लिए कहा है. रहमान ने ट्रिब्यून से कहा, ‘दुनिया के सामने कश्मीर के मुद्दे को उठाने का यह सबसे प्रभावी तरीका है. यह शर्म की बात है कि बेगुनाह कश्मीरियों के ऊपर आतंक फैला करके भी भारत के पीएम कश्मीर के मुद्दे पर वाशिंगटन को अपने पक्ष में करने में कामयाब रहे...मोदी खुद एक आतंकवादी हैं और हजारों मुसलमानों के खून से उनके हाथ रंगे हैं.’

पिछले ही हफ्ते पाकिस्तान ने अमेरिका पर भी मानवाधिकारों को लेकर ‘दोहरे मानदंड’ अपनाने का आरोप लगाया था, जब अमेरिका ने पाकिस्तान के संरक्षण में पल रहे हिजबुल मुजाहिदीन के मुखिया सैयद सलाहुद्दीन को ‘ग्लोबल टेररिस्ट’ की लिस्ट में डाला था.

पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री चौधरी निसार पिछले हफ्ते कहा था, ‘कश्मीरियों का खून अमेरिका के लिए कोई मायने नहीं रखता है और मानवाधिकार संबंधी अंतरराष्ट्रीय कानून कश्मीर के ऊपर लागू नहीं होते हैं.’ उन्होंने अमेरिका पर न्याय का ‘दिखावा’ करने का भी आरोप लगाया था.

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