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नासा के अंतरिक्ष मिशन के लिए चुना गया भारतीय मूल का व्यक्ति

राजा चारी ने एमआईटी से एयरोनॉटिक्स में मास्टर्स डिग्री हासिल की थी और अभी अमेरिकी वायु सेना में ले. कर्नल हैं

Bhasha | Published On: Jun 08, 2017 11:14 AM IST | Updated On: Jun 08, 2017 11:14 AM IST

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नासा के अंतरिक्ष मिशन के लिए चुना गया भारतीय मूल का व्यक्ति

नासा ने अपने अंतरिक्ष मिशन के लिए 12 नए अंतरिक्ष यात्रियों का चयन किया है. इन नए अंतरिक्ष यात्रियों में एक भारतीय-अमेरिकी भी है.

राजा चारी नामक इस व्यक्ति का चुनाव नासा ने रिकॉर्ड 18,300 आवेदकों में से किया है. नासा ने इन अंतरिक्ष यात्रियों का चयन धरती की कक्षा से गहरे अंतरिक्ष में अध्ययन के लिए किया है. चयन के बाद उन्हें अध्ययन के लिए आवश्यक ट्रेनिंग दी जायेगी.

पिछले बीस साल में चुना गया सबसे बड़ा दल

नासा द्वारा चुने गए लोगों में से 7 पुरुष और 5 महिलाएं हैं. ये पिछले 20 सालों में सबसे बड़ा दल अंतरिक्ष मिशन पर जाने के लिए चुना गया है.

चुने गए 12 लोगों में 6 सेना के अधिकारी, 3 वैज्ञानिक, 2 मेडिकल डॉक्टर और एक स्पेसएक्स का इंजीनियर है. इसके अलावा इस टीम में एक नासा का रिसर्च पायलट भी होगा.

एमआईटी से एयरोनॉटिक्स में मास्टर्स डिग्री हासिल

लेफ्टिनेंट कर्नल राजा चारी 39 साल के हैं. वह 461वें फ्लाइट टेस्ट स्कवाड्रन के कमांडर और कैलिफोर्निया में एडवर्ड एयरफोर्स बेस पर एम 35 इंटीग्रेटेड टेस्ट फोर्स के डायरेक्टर भी हैं. वाटरलू के रहने वाले चारी ने एमआईटी से एयरोनॉटिक्स में मास्टर्स डिग्री हासिल की थी. उन्होंने यूएस नेवल टेस्ट पायलट स्कूल से ग्रेजुएशन किया था. चारी के पिता भारतीय हैं.

नासा के एक बयान में बताया गया कि नए अंतरिक्ष यात्री उम्मीदवारों का चयन 18,300 आवेदकों में से किया गया है, जो अगस्त से अंतरिक्ष यान प्रणाली, स्पेसवॉकिंग स्किल्स, टीमवर्क, रूसी भाषा तथा अन्य जरूरतों का प्रशिक्षण लेंगे.

बयान के मुताबिक, 'दो साल का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद नए अंतरिक्ष यात्री उम्मीदवारों को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र में मिशन से संबंधित शोध कार्य में लगाया जा सकता है.' नासा ने कहा, 'अमेरिका में पहले से कहीं अधिक संख्या में मानव अंतरिक्ष यानों का विकास हो रहा है, भविष्य के अंतरिक्ष यात्री लोगों को पहले से कहीं अधिक तेजी से अंतरिक्ष में ले जाएंगे.'

चन्द्रमा और मंगल मिशन की भी योजना

इन उम्मीदवारों ने दिसंबर 2015 से फरवरी 2016 के बीच आवेदन किया था. अंतरिक्ष एजेंसी का इरादा चंद्रमा की कक्षा में क्रू लॉन्च करने का है. इसके साथ ही मंगल ग्रह के मिशन पर भी विचार किया जा रहा है जिसे जॉन एफ केनेडी अंतरिक्ष केंद्र से स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट के माध्यम से लॉन्च किया जाएगा.

रॉकेट का परीक्षण पहली बार बिना किसी चालक दल के साल 2019 में किया जाएगा जबकि चालक दल के साथ लगभग 2022 में इसकी लॉन्चिंग होगी.

(तस्वीर साभार माइक पेंस ट्विटर अकाउंट)

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