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भारत-ब्रिटेन के बीच प्रत्यर्पण और छात्र वीजा पर चर्चा

केंद्रीय गृह सचिव ने पिछले हफ्ते आव्रजन मामलों के ब्रिटेन के मंत्री ब्रांडन लुईस और अन्य के साथ बातचीत की

Bhasha Updated On: Jul 18, 2017 09:53 PM IST

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भारत-ब्रिटेन के बीच प्रत्यर्पण और छात्र वीजा पर चर्चा

भारत और ब्रिटेन ने भगोड़े अपराधियों के प्रत्यर्पण और भारतीयों ख़ासकर छात्रों को वीज़ा देने में ब्रिटेन के अधिकारियों की ओर से विलंब करने से उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर चर्चा की.

केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने ब्रिटेन के अधिकारियों के समक्ष ये मुद्दे उठाए. महर्षि सोमवार को ही समाप्त हुए भारत-ब्रिटेन गृह मामलों संबंधी संवाद के तहत ब्रिटेन गए हुए थे.

महर्षि से पूछा गया कि क्या ब्रिटेन के साथ भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या और आईपीएल के पूर्व प्रमुख ललित मोदी का मुद्दा ख़ासतौर पर उठाया गया, जिस पर उन्होंने कहा कि किन्हीं विशेष मामलों के बजाए दोनों पक्षों को प्रभावित करने वाले प्रत्यर्पण मुद्दों पर चर्चा हुई.

अपने एक हफ्ते के दौरे के समापन के मौके पर महर्षि ने भारतीय उच्चायोग में संवाददाताओं से कहा, 'माल्या का मामला विचाराधीन है. प्रत्यर्पण संबंधी जो मुद्दे बैठकों में उठाए गए वो आमतौर पर प्रर्त्यपण के मामलों में पेश आने वाली समस्याओं पर आधारित थे.'

61 वर्षीय माल्या मार्च 2016 से ब्रिटेन में हैं. 18 अप्रैल को प्रर्त्यपण वॉरंट पर माल्या को स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. उसकी किंगफिशर एयरलाइन पर विभिन्न बैंकों का 9,000 करोड़ रुपए बकाया है. जमानत पर रहते हुए वो ब्रिटेन की अदालत में प्रर्त्यपण का मुकदमा लड़ रहे हैं. माल्या पिछले वर्ष दो मार्च को भारत छोड़कर भाग गए थे.

ललित मोदी भी ब्रिटेन में ही हैं. धन शोधन के मामले में वो भारत में वांछित हैं. भारत और ब्रिटेन के बीच प्रर्त्यपण संधि वर्ष 1992 में हुई थी. तब से केवल एक, समीरभाई वीनूभाई पटेल का ही प्रर्त्यपण हुआ है.

ब्रिटेन में बातचीत के दौरान महर्षि ने भारतीयों के समक्ष पेश आने वाली वीज़ा समस्याओं का मुद्दा उठाया. इस बात पर सहमति बनी कि इसकी फॉलो अप बैठकें अगले हफ्ते भारतीय उच्चायोग के वरिष्ठ राजनयिकों के साथ की जाएंगी.

केंद्रीय गृह सचिव ने पिछले हफ्ते आव्रजन मामलों के ब्रिटेन के मंत्री ब्रांडन लुईस और अन्य के साथ बातचीत की. लेकिन ये बातचीत सार्वजनिक नहीं है. ब्रिटेन ने वहां नियत अवधि से भी अधिक समय तक रह रहे अवैध भारतीय प्रवासियों का मुद्दा उठाया.

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